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Britain: लिज ट्रस पीएम बनीं, तो आखिर कैसे संभालेंगी अमेरिका से ब्रिटेन का रिश्ता?

Mon, 22 Aug 2022 06:58 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 22 Aug 2022 06:58 PM IST
सार

Britain: विदेश नीति विशेषज्ञों की राय में जो बाइडन प्रशासन निर्वतमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं रहा। अब ट्रस ने अपनी ‘ब्रांडिंग’ इस रूप में की है कि वे जॉनसन नहीं हैं। उन्होंने ये बताने की कोशिश की है कि उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक शैली अलग है...

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Britain: If liz truss become PM, how will she handle the diplomatic relations with US
Britain- liz truss - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

ब्रिटेन के सियासी हलकों में अब यह मान कर चला जा रहा है कि लिज ट्रस सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी की अगली नेता चुनी जाएंगी। जनमत सर्वेक्षणों में वे अपने प्रतिद्वंद्वी ऋषि सुनक से लगभग 32 अंक आगे निकल चुकी हैं। पार्टी के नए नेता का चुनाव अगले पांच सितंबर को होगा।

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राजनीतिक विश्लेषक अब ट्रस को अगला नेता मान कर यह अंदाजा लगा रहे हैं कि नई प्रधानमंत्री के प्रति अमेरिका का कैसा रुख रहेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सवाल पर ब्रिटिश राजनयिकों की राय बंटी हुई है। लिज ट्रस निवर्तमान बोरिस जॉनसन सरकार में विदेश मंत्री थीं। ब्रिटिश राजनयिकों के एक हिस्से की राय है कि इस जिम्मेदारी को संभालने में वे बिल्कुल अप्रभावी रहीं। लेकिन कुछ दूसरे राजनयिक मानते हैं कि ट्रस ने विदेश नीति को एक स्पष्ट नजरिया प्रदान किया। ट्रस के बारे में आकलन जानने के लिए वेबसाइट पोलिटिको.ईयू ने राजनयिकों और विदेश नीति विशेषज्ञों के बीच एक सर्वे किया है। इस सर्वे में ये बात उभर कर आई कि अमेरिका में ट्रस की छवि समस्या का कारण बन सकती है।

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विदेश नीति विशेषज्ञों की राय में जो बाइडन प्रशासन निर्वतमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं रहा। अब ट्रस ने अपनी ‘ब्रांडिंग’ इस रूप में की है कि वे जॉनसन नहीं हैं। उन्होंने ये बताने की कोशिश की है कि उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक शैली अलग है। जानकारों की राय में ये बात उनके लिए फायदेमंद हो सकती है और मुमकिन है कि इस वजह से अमेरिका उनके प्रति अधिक अनुकूल रुख अपनाए।

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ट्रस के निकट सलाहकारों ने कहा है कि ट्रस उसूलों से प्रेरित, लेकिन व्यावहारिक नेता हैं। इसलिए वे ऐसे कदम उठाने में नहीं हिचकती हैं, जिनको लेकर उनकी आलोचना की आशंका हो। एक वरिष्ठ ब्रिटिश राजनयिक ने वेबसाइट पोलिटिको से कहा- ‘कभी-कभी वे ऐसे काम करती हैं, जिनके बारे में उन्हें पहले से पता होता है कि लोग उन कदमों से नफरत करेंगे। फिर भी वे ऐसे कदम उठाती हैँ।’

निवर्तमान सरकार का कार्यकाल में ट्रस ने उस कानून को समर्थन दिया था, जिसमें उत्तरी आयरलैंड के साथ ब्रिटेन के प्रोटोकॉल में एकतरफा ढंग से बदलाव ला दिया गया। ये कानून आयरलैंड की सीमा और यूरोपियन यूनियन (ईयू) से ब्रिटेन के रिश्तों को फिर से तय करने के लिए पारित किया गया था। अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन और अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने इस कानून को पसंद नहीं किया था। इस कानून के कारण ईयू से ब्रिटेन के रिश्ते बिगड़ गए। लेकिन बताया जाता है कि ये कानून ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों में काफी लोकप्रिय है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये कानून अमेरिका के साथ ब्रिटेन के संबंध में एक पेच बना हुआ है। इसलिए इस पर भावी ट्रस सरकार का रुख ही अमेरिका के साथ उसके रिश्तों को तय करेगा। अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने इसी हफ्ते नए प्रोटोकॉल की कड़ी आलोचन की। उन्होंने इसे गहरी चिंता का विषय बताया। लेकिन उसका उतने कड़े लहजे मे ट्रस ने जवाब दिया। उन्होंने कहा- ‘पेलोसी जैसी व्यक्तियों को मैं स्पष्ट बता चुकी हूं कि इस बारे में मेरी क्या सोच है।’

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