फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Britain: 'Don't put me to sleep, I won't wake up', the last word of 40 year old driver Leon Boase

‘मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘, पति के ये अंतिम शब्द अब भी गूंज रहे हैं पत्नी के कानों में

Fri, 01 Jan 2021 09:03 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 01 Jan 2021 09:03 PM IST
विज्ञापन
Britain: 'Don't put me to sleep, I won't wake up', the last word of 40 year old driver Leon Boase
ब्रिटेन में कोरोना के शिकार हुए लियोन बोसे - फोटो : Social Media
ब्रिटेन में कोरोना का कहर इतना ज्यादा है कि आए दिन परिवार उजड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मार्मिक मामला याॅर्कशायर की एक फैक्ट्री के ड्राइवर की मौत का है। 40 साल के हष्ट-पुष्ट लियोन बोसे अचानक कोविड-19 की चपेट में आए और डेढ़ माह से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में मौत से संघर्ष करते हुए थक गए। पत्नी निकोला जेनिसन के कानों में उनके अंतिम शब्द ‘मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘ अब भी गूंज रहे हैं। सच में उनके ये शब्द अंतिम साबित हुए और उनकी नींद चिरनिद्रा में तब्दील हो गई।
विज्ञापन


पेट दर्द से हुई शुरुआत
बोसे व उनकी पत्नी निकोला नवंबर के आरंभ में कोरोना संक्रमित हुए थे। इसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेेट कर लिया था। बोसे कभी-कभार शराब या सिगरेट पीते थे। उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। इसके बाद उन्हें पेटदर्द की शिकायत हुई तो वे 12 नवंबर को नार्थ याॅर्कशायर के एक अस्पताल पहुंचे। 
विज्ञापन


बार-बार याद आते हैं अंतिम शब्द
बोसे की पत्नी निकोला पति के अंतिम शब्दों को बार-बार याद कर रो पड़ती हैं। वह उन लम्हों व शब्दों को जीवन भर भूल नहीं सकेगी। निकोला ने बताया कि जब पति ने मुझे कहा-मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘ तो मैंने उन्हें कहा था ऐसी बातें मत करो, जल्दी ठीक होकर आ जाओगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


24 घंटे में पहुंचे वेंटिलेटर पर
निकोला ने बिलखते हुए बताया कि अस्पताल में भर्ती कराने के मात्र 24 घंटे में बोसे को वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी दौरान उन्हें न्यूमोनिया हुआ और किडनी फेल होने लगी। डाॅक्टरों ने भी उनकी हालत देखकर कह दिया था कि बचने की उम्मीद मात्र एक परसेंट है। जान बचाने के लिए फेफड़ों का प्रत्यारोपण करना होगा। लेकिन ब्रिटेन में उस इसकी कोई व्यवस्था नहीं थी। कोई लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए नहीं मिले और आखिरकार बोसे ने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। बोसे का आठ साल का बेटा और 16 साल का सौतेला बेटा लिगटन है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed