ब्रह्मोस : भारत फिलीपींस की सेना को देगा क्रूज मिसाइल का प्रशिक्षण, 37 करोड़ डॉलर का किया है करार
ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली का पहला सेट अगले 18 महीनों में फिलीपींस पहुंचने की उम्मीद है।
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भारत फिलीपींस की सेना को सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का प्रशिक्षण देगा। यह प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए फिलीपींस के सैन्य कर्मी जुलाई-अगस्त से भारत आना शुरू कर देंगे। भारत ने फिलीपींस को इस मिसाइल की आपूर्ति व प्रशिक्षण के लिए 37 करोड़ डॉलर से ज्यादा का करार किया है।
अभी भारत-रूस की संयुक्त उपक्रम कंपनी ब्रह्मोस एरोस्पेस एंटी शिप मिसाइल सिस्टम के लिए बेस तैयार कर रहे हैं। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली का पहला सेट अगले 18 महीनों में फिलीपींस पहुंचने की उम्मीद है। फिलीपींस की मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इसी माह अपनी पहली ब्रह्मोस मिसाइल बटालियन को सक्रिय करने के बाद फिलीपींस मरीन कॉर्प्स ने कहा कि वह विश्व के सबसे अच्छे एंटीशिप मिसाइल सिस्टम में से एक का संचालन करेगी।
ब्रह्मोस मिसाइल लक्ष्य का पता लगा सकती है, उसका पीछा कर सकती है और उसे नष्ट कर सकती है। फिलीपींस मरीन कॉर्प्स के कर्मियों को ब्रह्मोस एयरोस्पेस दिल्ली और हैदराबाद में प्रशिक्षण प्रदान करेगी। यहीं ब्रह्मोस के मुख्य उत्पादन और प्रशिक्षण केंद्र हैं।
ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए फिलीपींस के साथ सौदा किसी भी दूसरे देश के साथ भारत द्वारा हस्ताक्षरित अब तक का सबसे बड़ा निर्यात सौदा है। इससे दक्षिण पूर्व एशिया में हथियार निर्यात के रास्ते खुलने की उम्मीद है। इस करार में मिसाइलों के लिए फायरिंग और रखरखाव दल का प्रशिक्षण शामिल है। मिसाइल प्रणाली को तय समय सीमा में फिलीपींस तक पहुंचाया जाएगा।
गलती से पाकिस्तान में जा गिरी थी ब्रह्मोस
ब्रह्मोस एयरोस्पेस और रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन भारत की तीनों सेनाओं में शामिल ब्रह्मोस मिसाइल की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हाल ही में गलती से यह मिसाइल दाग दी गई थी। भारत के एक मिसाइल बेस से नियमित निरीक्षण के वक्त यह चल गई थी और पाकिस्तान के अंदरुनी हिस्से में जा गिरी थी। इसके बार फिलीपींस व कुछ अन्य देशों ने सफाई मांगी थी। इसके बाद भारत के स्पष्टीकरण से सहमति जताते हुए दोनों देश करार पर आगे बढ़ने को राजी हैं।