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Booker Prize 2025: डेविड स्जेले की ‘फ्लेश’ को सम्मान, इतिहास बनाने से एक कदम दूर रह गईं किरण देसाई की किताब

Tue, 11 Nov 2025 06:22 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 11 Nov 2025 06:22 AM IST
सार

लंदन में आयोजित समारोह में हंगरी-ब्रिटिश लेखक डेविड स्जेले को उनके उपन्यास ‘फ्लेश’ के लिए प्रतिष्ठित बुकर प्राइज 2025 से सम्मानित किया गया। भावनात्मक गहराई और सरल कथन शैली के लिए सराही गई इस किताब ने निर्णायकों को प्रभावित किया। भारतीय मूल की किरण देसाई अपनी कृति ‘सोनिया और सनी का अकेलापन’ के साथ उपविजेता रहीं।

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Booker Prize 2025 David Szalay Flesh receives award Kiran Desai book narrowly misses out on making history
बुकर प्राइज 2025 (एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Google Gemini

विस्तार

लंदन में सोमवार रात आयोजित समारोह में हंगरी-ब्रिटिश लेखक डेविड स्जेले को उनके उपन्यास 'फ्लेश' के लिए बुकर प्राइज 2025 से सम्मानित किया गया। इस अवॉर्ड के तहत उन्हें 50,000 पाउंड की राशि और ट्रॉफी दी गई। पुरस्कार उन्हें पिछले साल की विजेता सामंथा हार्वी ने प्रदान किया। 51 वर्षीय स्जेले के उपन्यास 'फ्लेश' में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो भावनात्मक रूप से टूट चुका है और जिंदगी की कुछ अप्रत्याशित घटनाएं उसकी दुनिया बदल देती हैं। कहानी को समझने के बाद फैसला सुनाने वालों ने इस किताब को 'सरल लेकिन गहराई से भरी, तनावपूर्ण और भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाली कहानी' बताया।

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बता दें कि भारतीय मूल की लेखिका किरण देसाई अपनी किताब सोनिया और सनी का अकेलापन' के लिए इस बार दूसरे स्थान पर रहीं। अगर वे जीततीं, तो वे बुकर प्राइज के 56 वर्षों के इतिहास में दो बार यह पुरस्कार जीतने वाली पांचवीं लेखिका बन जातीं। इससे पहले उन्होंने 2006 में ‘नुकसान की विरासत’ के लिए यह पुरस्कार जीता था।

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सोनिया और सनी का अकेलापन किताब का आधार
किरण देसाई की नई किताब 667 पन्नों की एक लंबी कहानी है, जिसमें भारत और अमेरिका की पृष्ठभूमि पर दो भारतीय युवाओं सोनिया और सनी, के जीवन और प्रेम को दिखाया गया है। निर्णायकों ने इसे 'प्रेम, परिवार, परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम' बताया। बुकर प्राइज के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष आयरिश लेखक रॉडी डॉयल ने कहा कि 'फ्लेश' एक बिल्कुल अलग तरह की किताब है। यह थोड़ी अंधेरी कहानी है, लेकिन इसे पढ़ना आनंददायक है।

और कौन-कौन से किताबें थी सूची में सामिल
गौरतलब है कि इस साल बुकर प्राइज की सूची में अन्य नामों में सुसान चोई ('फ्लैशलाइट’), केटी कितामुरा (‘ऑडिशन’), बेन मार्कोविट्स (‘द रेस्ट ऑफ अवर लाइव्स’) और एंड्रयू मिलर (‘द लैंड इन विंटर’) शामिल थे। सभी फाइनलिस्ट लेखकों को 2,500 पाउंड और उनकी किताब का विशेष संस्करण दिया जाएगा। निर्णायकों ने कहा कि इस साल की सभी छह किताबें 'मानव भावनाओं, रिश्तों और समाज की जटिलताओं' को अनोखे ढंग से पेश करती हैं। साथ ही हर लेखक ने अपनी कहानी को पूरी मौलिकता और खूबसूरती के साथ लिखा है।

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