फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Bomb threats made to Historically Black Colleges and Universities across US 

अमेरिका: ऐतिहासिक अश्वेत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी, एफबीआई ने शुरू की जांच

Tue, 01 Feb 2022 04:18 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, वुडस्टॉक (अमेरिका)
पीटीआई, वुडस्टॉक (अमेरिका) Published by: देव कश्यप Updated Tue, 01 Feb 2022 04:18 AM IST
सार

अमेरिका की घरेलू खुफिया और सुरक्षा सेवा संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अटलांटा के प्रवक्ता जेना सेलिट्टो ने अपने बयान में कहा कि "कुछ ऐतिहासिक अश्वेत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। एजेंसी इससे अवगत है।"
 

विज्ञापन
Bomb threats made to Historically Black Colleges and Universities across US 
एफबीआई (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अमेरिका में पांच राज्यों और कोलंबिया जिले में ऐतिहासिक रूप से कम से कम आधा दर्जन अश्वेत विश्वविद्यालयों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी के बाद कई विश्वविद्यालयों ने कुछ समय के लिए अपने परिसरों को बंद कर दिया है। 

विज्ञापन


स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि कुछ धमकियों में सीधे तौर पर शैक्षणिक इमारतों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसे लेकर छात्रों को स्कूल नहीं आने की चेतावनी जारी की गई है।
विज्ञापन


अमेरिका की घरेलू खुफिया और सुरक्षा सेवा संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अटलांटा के प्रवक्ता जेना सेलिट्टो ने अपने बयान में कहा कि "कुछ ऐतिहासिक अश्वेत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। एजेंसी इससे अवगत है।"
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि "एफबीआई सभी संभावित खतरों को गंभीरता से ले रही है, और हम नियमित रूप से अपने कानून प्रवर्तन भागीदारों के साथ उनकी विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।"

जॉर्जिया में स्थित अल्बानी स्टेट यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया पर छात्रों और फैकल्टी को चेतावनी दी कि अल्बानी स्टेट यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक भवनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। दक्षिणी विश्वविद्यालय और लुइसियाना के बैटन रूज में ए एंड एम कॉलेज के स्कूल अधिकारियों ने छात्रों को तब तक अपने छात्रावास में रहने के लिए कहा है जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती है।

मैरीलैंड स्थित बॉवी स्टेट यूनिवर्सिटी में स्कूल के अधिकारियों ने सभी को परिसर में तब तक ठहरने के लिए कहा जब तक कि धमकी मामले में अधिक जानकारी उपलब्ध न हो जाए। राज्य कार्यालय के फायर मार्शल ने एक बयान में कहा कि 'विस्फोटक का पता लगाने के लिए कुत्ते और बम तकनीशियन परिसर में तैनात पुलिस के साथ इमारतों में खंगालने में जुटे हुए हैं।' डब्ल्यूटीओपी-टीवी ने यूनिवर्सिटी के चार्लोट रॉबिन्सन हॉल के आसपास केंद्रित पुलिस गतिविधियों की तस्वीरें दिखाईं।

डब्ल्यूटीओपी की रिपोर्ट के अनुसार, हावर्ड विश्वविद्यालय में भी सोमवार को बम मिलने की धमकी दी गई थी, लेकिन बाद में छात्रों और कर्मचारियों को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया गया कि यहां कोई बम नहीं है।

फ्लोरिडा में, डेटोना बीच पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि 'बेथ्यून-कुकमैन परिसर में कोई बम नहीं पाया गया है, बम होने की धमकी अफवाह थी। लेकिन दिन में चलने वाली कक्षाएं रद्द कर दी गईं और जांच एजेंसी के साथ पूरे दिन परिसर में पुलिस की मौजूदगी रहेगी।' डेलावेयर स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता कार्लोस होम्स ने स्थानीय समाचार आउटलेट्स को बताया कि सोमवार की सुबह उस परिसर में बम की धमकी दी गई थी।

बता दें कि इससे पहले भी चार जनवरी को कई ऐतिहासिक अश्वेत विश्वविद्यालयों में बम होने की लगातार धमकी दी गई थी। उन धमकियों के करीब एक महीने से भी कम समय के बाद सोमवार को बम होने की फिर धमकी दी गई।


उत्तरी कैरोलिना के अमेरिकी प्रतिनिधि अल्मा एडम्स और अर्कांसस के अमेरिकी प्रतिनिधि फ्रेंच हिल, जो कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं ने कहा कि "पढ़ाई सबसे महान और सबसे मानवीय गतिविधियों में से एक है और स्कूल एक पवित्र स्थान हैं जिन्हें हमेशा आतंक से मुक्त रहना चाहिए। इन अपराधों को हल करने और संबंधित अपराधियों को न्याय के दायरे में लाना संघीय कानून प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed