फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Blasphemy: Pak court releases Chinese national in blasphemy case; Said- Police registered a false case

Blasphemy: पाक कोर्ट ने ईशनिंदा मामले में चीनी नागरिक को किया रिहा; कहा- पुलिस ने दर्ज किया झूठा मामला

Fri, 28 Apr 2023 02:07 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Fri, 28 Apr 2023 02:07 PM IST
सार

पुलिस ने चीनी नागरिक पर पाकिस्तान की दंड संहिता की धारा 295-सी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बता दें कि  यह धारा पैगंबर मोहम्मद के सम्मान की हिफाजत के लिए बनाया गया है।

विज्ञापन
Blasphemy: Pak court releases Chinese national in blasphemy case; Said- Police registered a false case
Blasphemy - फोटो : Social Media

विस्तार

पाकिस्तान में ईशनिंदा मामले में गिरफ्तार किए जाने वाले चीनी नागरिक को आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार उसे अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। एबटाबाद के उत्तर-पश्चिमी शहर में अदालत के न्यायाधीश ने चीनी नागरिक से दो लाख मुचलका भरवाने के बाद उसे रिहा किया था। 
विज्ञापन


अदालत ने बताया कि कोहिस्तान पुलिस ने चीनी नागरिक के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया था। अदालत ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार अअपराधी ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है, इसलिए उसे जमानत दिया जाता है। 
विज्ञापन


क्या था पूरा मामला 

यह गटना 16 अप्रैल की है, जब डासू पनबिजली परियोजना में काम करने वाले एक चीनी नागरिक पर मजदूरों ने इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगाया। पुलिस ने चीनी नागरिक पर पाकिस्तान की दंड संहिता की धारा 295-सी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बता दें कि  यह धारा पैगंबर मोहम्मद के सम्मान की हिफाजत के लिए बनाया गया है। इसके अलावा परियोजना पर काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों ने राजमार्ग पर जाम कर दिया और गिरफ्तारी की मांग करने लगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो वकीलों ने अदालत में याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व किया। चीनी नागरिक को सुरक्षा कारणों की वजह से अदालत नहीं लाया गया था। संयुक्त जांच दल ने आरोप लगाने वालों के बयान लिए, जिसे उन्होंने अदालत और चीनी राष्ट्रीय के सामने पेश किया। सभी बयानों को देखने के बाद अदालत ने बताया कि घटना के दो दिन बाद जिन मजदूरों ने मामला दर्ज कराया था, उनमे से कोई भी अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं कर पाए हैं और न ही वे जेआईटी के सामने आरोपों को साबित कर पाए। 


पाकिस्तान में ईशनिंदा पर मिलती है मौत की सजा 

पाकिस्तान में ईशनिंदा पर मौत की सजा या उम्र कैद की सजा दी जाती है। आलोचकों का मानना है कि अल्पसंख्यक धर्मों को सताने और अल्पसंख्यकों को गलत तरीके से निशाना बनाने के लिए ईशनिंदा कानूनों का इस्तेमाल किया जाता है। करीब दो साल पहले यह ईशनिंदा मामले में एक श्रीलंकाई नागरिक को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed