US: तीन अमेरिकी नागरिकों और एक ग्रीन कार्ड धारक को रूस से रिहा किया गया, बाइडन बोले- यह कूटनीति की उपलब्धि
तीन अमेरिकी नागरिकों और एक ग्रीन कार्ड धारक को रूस की जेल से रिहा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि ये रिहाई कैदियों की अदला-बदली समझौते के तहत की गई है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को रूस में कैद तीन अमेरिकी नागरिकों और एक ग्रीन-कार्ड धारक की रिहाई की घोषणा की। ये रिहाई रूस के साथ कैदियों की अदला-बदली समझौते के तहत की गई है।
रिहा किए गए लोगों में वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर इवान गेर्शकोविच, पूर्व मरीन पॉल व्हेलन और पत्रकार अलसु कुर्माशेव शामिल हैं।
बाइडन ने जानकारी देते हुए कहा, “जिस समझौते ने नागरिकों की आजादी सुनिश्चित की वह कूटनीति की एक उपलब्धि थी। हमने रूस से 16 लोगों की रिहाई के लिए बातचीत की है - जिनमें पांच जर्मन और सात रूसी नागरिक शामिल हैं, जो अपने ही देश में राजनीतिक कैदी थे। इनमें से कुछ महिलाओं और पुरुषों को वर्षों से अन्यायपूर्ण ढंग से रखा गया है। सभी ने अकल्पनीय पीड़ा और अनिश्चितता को सहन किया है। आज, उनकी पीड़ा खत्म हो गई है।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “एक कठिन परीक्षा के बाद अब वो आजाद हैं। कुछ देर पहले उनके परिवार और मैंने टेलीफोन पर उनसे बात की थी। वे आज सुबह रूस से बाहर हैं। उन्हें तुर्की ले जाया गया और जल्द ही वे अपने परिवारों से मिलने के लिए घर की ओर रवाना होंगे।’’
After enduring unimaginable suffering and uncertainty, the Americans detained in Russia are safe, free, and have begun their journeys back into the arms of their families. pic.twitter.com/1rYNBTt9tJ
— President Biden (@POTUS) August 1, 2024
रूस के 16 नागिरकों को रिहा किया गया
बाइडन ने कहा कि समझौते के तहत रूस ने 16 कैदियों को रिहा कर दिया है। पश्चिम में पकड़े गए आठ रूसियों को भी घर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि रूस ने जिन 16 कैदियों को रिहा किया है उनमें चार अमेरिकी, पांच जर्मन और सात रूसी नागरिक शामिल हैं जो अपने ही देश में राजनीतिक कैदी हैं।
अमेरिका ने ईरान को आतंकवाद का सबसे बड़ा निर्यातक बताया
अमेरिका ने बुधवार को एक बयान में कहा कि ईरान आतंकवाद का सबसे बड़ा निर्यातक है और न सिर्फ पश्चिम एशिया में बल्कि पूरी दुनिया में ईरान द्वारा आतंकवाद फैलाया जा रहा है। अमेरिका के विदेश विभाग ने आरोप लगाया कि तेहरान का रिकॉर्ड रहा है कि वह अपने ही लोगों को दबाने की कोशिश करता है, साथ ही पूरे पश्चिम एशिया के क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए फंडिंग और प्रोत्साहन भी दे रहा है।