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बेलारूस को पश्चिमी देशों की परवाह नहीं, रूस खुल कर आया लुकाशेंको के समर्थन में

Fri, 28 May 2021 06:25 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 28 May 2021 06:25 PM IST
सार

ईयू ने बेलारूस की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए उस पर व्यापक प्रतिबंधों की योजना बनाई है। बेलारूस दुनिया में पोटाश का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। पोटाश का इस्तेमाल खाद बनाने में होता है। इसलिए ईयू ने पोटाश आयात को खास निशाना बनाने का फैसला किया है...

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Belarus does not care about western countries and european union, Russia supports president alexander lukashenko
बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

रूस अब खुल कर बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको के समर्थन में आ गया है। बीते रविवार को रेनेयर एयरलाइन्स के एक विमान को जबरन बीच में उतार कर एक विपक्षी ब्लॉगर को गिरफ्तार करने के बाद से बेलारूस का पश्चिमी देशों से तनाव बहुत बढ़ गया है। खास कर यूरोपियन यूनियन ने उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी बीच बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको ने शुक्रवार को मास्को जाने का फैसला किया। उधर, रूस ने बेलारूस के हवाई क्षेत्र का बहिष्कार कर रहीं दो यूरोपियन एयरलाइंस के अपने वायु क्षेत्र में वैकल्पिके रूट से उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी। विश्लेषकों का कहना है कि रूस के इस रुख से यूरोपियन यूनियन (ईयू) के साथ उसका पहले से जारी टकराव और बढ़ सकता है।

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उतारे गए विमान से गिरफ्तार ब्लॉगर पर पिछले साल बेलारूस में दंगा भड़काने का मुकदमा शुरू किया जा चुका है। अमेरिका और ईयू दोनों ने बीच रास्ते से विमान उतारने की घटना को अपहरण करार दिया है। ईयू इस मामले में बेलारूस के खिलाफ सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस घटना को बेलारूस का अंदरूनी मामला बताते हुए उसे ज्यादा तूल देने से इनकार किया है।
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विमान उतारने की घटना के बाद यूरोप की कई एयरलाइन्स ने बेलारूस के ऊपर से उड़ान ना भरने का एलान किया। उनमें से दो एयरलाइन्स ने रूस से अनुरोध किया था कि वह उनकी उड़ानों को वैकल्पिक रास्ते से मास्को आने की इजाजत दे, ताकि वे बेलारूस के वायु क्षेत्र से बच सकें। लेकिन रूस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद ऑस्ट्रियन एयरलाइन्स की मास्को जाने वाली फ्लाइट को रद्द करना पड़ा। उसके पहले फ्रांस की एक एयरलाइन्स के ऐसे ही अनुरोध को रूस ने ठुकरा दिया था।
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ईयू ने बेलारूस आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक लगाने का फैसला किया था। बेलारूस की एयरलाइन्स की उड़ानों के यूरोपियन यूनियन क्षेत्र में आने पर भी रोक लगा दी गई है। इस कारण बेलारूस की सरकारी एयरलाइन्स बेलाविया को अपनी बहुत सी उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। गौरतलब है कि आयरिश एयरलाइन्स के एथेंस से लिथुआनिया जा रहे विमान को जबरन उतारने की घटना बीते रविवार को हुई थी। विमान में खुद को टेलीग्राम चैनल का पत्रकार बताने वाले राष्ट्रपति लुकाशेंको विरोधी रोमान प्रोतासेविच को गिरफ्तार किया गया था। इससे यूरोपियन यूनियन के भीतर गुस्सा भड़क उठा।

ईयू ने बेलारूस की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए उस पर व्यापक प्रतिबंधों की योजना बनाई है। बेलारूस दुनिया में पोटाश का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। पोटाश का इस्तेमाल खाद बनाने में होता है। इसलिए ईयू ने पोटाश आयात को खास निशाना बनाने का फैसला किया है। लुकाशेंको को रूस के जारी समर्थन से ईयू में रूस के प्रति नाराजगी भी बढ़ी है। ईयू की बैठक में जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास ने कहा कि अगर रूस का साथ ना हो, तो फिर लुकाशेंको का बेलारूस में कोई भविष्य नहीं होगा।

लेकिन विदेशी प्रतिक्रियाओं का लुकाशेंको पर कोई असर नहीं दिखा है। बेलारूस की संसद में उन्होंने कहा कि रेयनेयर एयरलाइन्स के विमान को उतारना बिल्कुल वैध कार्रवाई थी। उन्होंने प्रतिबंधों को पश्चिमी देशों की युद्ध रणनीति का हिस्सा बताया और कहा कि पहले देश के अंदर आंदोलन भड़काने की कोशिश करने के बाद ये देश अब बेलारूस का गला दबाने की कोशिश कर रहे हैँ।


इस बीच लुकाशेंको ने रूस जाने के फैसला किया, जो उनका समर्थक बना रहा है। लुकाशेंको 1994 से राष्ट्रपति हैं। पिछले साल लगातार छठी बार वे राष्ट्रपति चुनाव में विजयी रहे। लेकिन विपक्ष ने उनकी जीत पर सवाल उठाए, जिसको लेकर आंदोलन हुआ था। उसी आंदोलन में अपनी भूमिका के कारण प्रोतासेविच को गिरफ्तार किया गया है। उस आंदोलन के दौरान भी रूस ने लुकाशेंको का समर्थन किया था।

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