Ukraine Crisis: बेलारूस में तैनात होंगे रूसी परमाणु हथियार! पश्चिम देश-NATO को क्यों ठहराया जा रहा जिम्मेदार?
बेलारूस ने कहा है कि बीते ढाई सालों में बेलारूस गणराज्य; संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और उनके नाटो सहयोगियों के साथ-साथ यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के अभूतपूर्व राजनीतिक, आर्थिक और सूचनात्मक दबाव के अधीन रहा है।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को एक साल से भी ज्यादा समय हो गया है। फिलहाल इसका अंत दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं, हाल ही में यूक्रेन से सटे बेलारूस में रूस के परमाणु हथियार तैनात किए जाने की पुतिन की घोषणा से इस जंग की आग में घी पड़ गया है। यूक्रेन ने जहां इस मुद्दे पर UNSC की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। वहीं, बेलारूस ने अपने क्षेत्र में रूसी सामरिक हथियारों की मेजबानी करने के निर्णय के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और उनके नाटो सहयोगियों के अभूतपूर्व दबाव को जिम्मेदार ठहराया है।
बेलारूस ने जारी किया बयान
बेलारूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके यह प्रतिक्रिया दी है। बेलारूस ने कहा है कि बीते ढाई सालों में बेलारूस गणराज्य; संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और उनके नाटो सहयोगियों के साथ-साथ यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के अभूतपूर्व राजनीतिक, आर्थिक और सूचनात्मक दबाव के अधीन रहा है।
बयान में बेलारूस ने आगे कहा कि एक स्वतंत्र राज्य के आंतरिक मामलों में यह प्रत्यक्ष और सकल हस्तक्षेप है, जिसका उद्देश्य भू-राजनीतिक परिदृश्य और बेलारूस की आंतरिक राजनीतिक प्रणाली को बदलना है। यह सीधे तौर पर बेलारूस गणराज्य को परमाणु हथियारों के अप्रसार (एनपीटी) पर संधि के लिए मेमोरेंडम ऑन सिक्योरिटी गारंटी के व्यक्तिगत हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा किए गए समझौते के संबंध में किए गए दायित्वों का खंडन करता है।
बयान में बेलारूस ने आगे कहा है कि रूसी परमाणु हथियारों को अपने क्षेत्र में तैनात करना अप्रसार संधि (एनपीटी) के खिलाफ नहीं है। बेलारूस के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि बेलारूस और रूस के बीच सैन्य सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार ही किया जाता है।
रूसी राष्ट्रपति ने की थी घोषणा
बेलारूस का यह बयान तब आया है जब शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा कदम उठाते हुए एलान किया था कि अब यूक्रेन से सटे बेलारूस में रूस के परमाणु हथियार तैनात किए जाएंगे। मॉस्को ने कहा था कि वह यूक्रेन के लिए पश्चिम के बढ़ते सैन्य समर्थन के जवाब में यह कदम उठा रहा है। शनिवार को पुतिन ने रूसी सरकारी टेलीविजन से कहा कि बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लूकाशेन्को लंबे वक्त से कहते रहे हैं कि रूस को अपने परमाणु हथियार रखे बेलारूस में भी रखने चाहिए।
राष्ट्रपति पुतिन ने यूरोप का जिक्र करते हुए कहा था कि अमेरिका ने यूरोप में कई जगहों पर अपने परमाणु हथियार रखे हैं, उसकी तुलना में उनका ये कदम परमाणु निरस्त्रीकरण समझौतों का उल्लंघन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के पास बेल्जियम, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और तुर्की में स्थित परमाणु हथियार हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इस हथियारों का कंट्रोल रूस बेलारूस के हाथों में नहीं देगा।
यूक्रेन ने बयान जारी करके UNSC की आपात बैठक बुलाने की मांग की थी
वहीं, रूसी राष्ट्रपति पुतिन की घोषणा पर यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान जारी कर निंदा की थी। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की थी। इस बयान में कहा गया था कि 'यूक्रेन ब्रिटेन, चीन, अमेरिका और फ्रांस द्वारा क्रेमलिन के परमाणु ब्लैकमेल का मुकाबला करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद करता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य शामिल हैं, जिनके पास परमाणु हथियारों का उपयोग करके आक्रामकता के खतरों को रोकने की विशेष जिम्मेदारी है। दुनिया को किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ एकजुट होना चाहिए जो मानव सभ्यता के भविष्य को खतरे में डालता है।'
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