फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   beijing is preparing for full scale invasion of taiwan chinas gray zone warfare against taipei is now at highest level

चीन ताइवान पर कर सकता है पूर्ण आक्रमण, उच्चतम स्तर पर पहुंचा ग्रे जोन युद्ध: रिपोर्ट

Mon, 01 Mar 2021 12:08 PM IST
स्नेहा बलूनी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे Published by: स्नेहा बलूनी Updated Mon, 01 Mar 2021 12:08 PM IST
विज्ञापन
beijing is preparing for full scale invasion of taiwan chinas gray zone warfare against taipei is now at highest level
चीन-ताइवान के ध्वज (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

चीन और ताइवान के बीच पिछले कुछ समय से जारी तनातनी बढ़ती जा रही है। ताइवान के खिलाफ चीन का 'ग्रे जोन' युद्ध अब उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि बीजिंग उसके खिलाफ पूर्ण पैमाने पर आक्रमण की तैयारी कर रहा है। फोकस ताइवान ने गुरुवार को स्थानीय सैन्य विशेषज्ञों के हवाला से इसकी सूचना दी।

विज्ञापन


ग्रे जोन युद्ध उन गतिविधियों को कहते हैं जो एक देश द्वारा दूसरे के लिए हानिकारक होती हैं। कभी-कभी इसे युद्ध का कार्य माना जाता है, लेकिन कानूनी रूप से यह युद्ध के कार्य नहीं होते हैं। शू सिआओ-हुआंग सरकार द्वारा वित्त पोषित संस्थान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा अनुसंधान संस्थान (आईएनडीएसआर) के विश्लेषक हैं। उन्होंने कहा कि ग्रे-जोन युद्ध में, प्रतिद्वंदी अपरंपरागत उपकरण, रणनीति और गैर-राज्यीय संस्थाओं के उपयोग पर भरोसा करते हैं जो औपचारिक राज्य-स्तरीय आक्रमण को पार नहीं करते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दुश्मन के कार्यों की अस्पष्टता के कारण, 'ग्रे-जोन' युद्ध के लक्ष्य अक्सर अनिश्चित होते हैं कि कैसे तुरंत जवाब दिया जाए। शू ने कहा, 'पिछले सालों से बीजिंग ताइपे के खिलाफ 'ग्रे-जोन' युद्ध का संचालन कर रहा है। वह प्रोपेगैंडा, आर्थिक दबाव, ऑनलाइन अफवाहों और विघटन जैसी रणनीति का उपयोग करके ताइवान सरकार पर राजनीतिक दबाव डाल रहा है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ताइवान के खिलाफ इस तरह का युद्ध अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिसका मतलब यह हो सकता है कि बीजिंग पूर्ण पैमाने पर आक्रमण की तैयारी कर रहा है। हालांकि उच्च तनाव का मतलब युद्ध होना जरूरी नहीं है। फोरम में पूर्व रक्षा मंत्री एंड्रयू यांग ने कहा कि बीजिंग ताइवान को राजनीतिक, सैन्य और मनोवैज्ञानिक रूप से नीचा दिखाने के उद्देश्य से 'युद्ध की प्रवृत्ति' में लगा हुआ है।


यांग ने कहा कि सौभाग्य से हाल के सालों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ताइवान के पास चीन के सैन्य युद्धाभ्यास पर करीब से ध्यान दे रहा है और वे बीजिंग द्वारा बढ़ते सैन्य खतरे को लेकर भी हाई अलर्ट पर हैं। बीजिंग ताइवान पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करता है। दूसरी ओर ताइपे ने अमेरिका सहित लोकतांत्रिक देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को बढ़ाकर चीनी आक्रामकता का मुकाबला कर रहा है, जिसका बीजिंग द्वारा बार-बार विरोध किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed