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UK: बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्रिटेनवासियों को दिया 30 साल का सबसे बड़ा झटका, ब्याज दरों में की बढ़ोतरी

Thu, 03 Nov 2022 09:13 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 03 Nov 2022 09:13 PM IST
सार

ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक ने आने वाले वर्षों में उच्च मुद्रास्फीति और बेरोजगारी दर के साथ लंबे समय तक संकुचन की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि ब्याज दर में बढ़ोतरी का मतलब है कि 2008 के वित्तीय संकट के बाद से उधार लेने की लागत अपने उच्चतम स्तर पर है और रहने की लागत 40 वर्षों में सबसे तेज दर से बढ़ रही है, जिससे परिवारों को नए बिलों से जूझना पड़ रहा है। 
 

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Bank of England makes biggest interest rate hike in 30 years
बैंक ऑफ इंग्लैंड

विस्तार

एक समय आधी से ज्यादा दुनिया पर राज करने वाला ब्रिटेन इस समय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर घुटनों पर आ गया है। आर्थिक मोर्चे पर फेल होने के कारण हाल ही में ब्रिटिश पीएम लिज ट्रस ने इस्तीफा दिया था। जिसके बाद भारतीय मूल के ऋषि सुनक ने पीएम पद संभाला था। हालांकि वे भी कुछ खास करामात करने में सक्षम नहीं दिख रहे हैं। वहीं,  इस बीच  बैंक ऑफ इंग्लैंड ने खस्ताहाल अर्थव्यवस्था का इलाज शुरू कर दिया है। इस इलाज के क्रम में बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्रिटेन के लोगों को 30 साल का सबसे बड़ा झटका दे दिया है।   

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दरअसल, बैंक ऑफ इंग्लैंड ने गुरुवार को ब्याज की आधार दर 0.75 प्रतिशत बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दी। यह ब्रिटेन के इतिहास में तीन दशकों से अधिक समय में सबसे बड़ी वृद्धि है। बता दें कि ब्रिटेन इस समय मंदी की चपेट में है। बैंक ऑफ इंग्लैंड का कहना है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के कारण देश में महंगाई बेकाबू हो गई है। इस महंगाई और  पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस की खराब आर्थिक नीतियों के असर को कम करने के लिए ऋण की दर में यह बढ़ोतरी की गई है। 
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ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक ने आने वाले वर्षों में उच्च मुद्रास्फीति और बेरोजगारी दर के साथ लंबे समय तक संकुचन की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि ब्याज दर में बढ़ोतरी का मतलब है कि 2008 के वित्तीय संकट के बाद से उधार लेने की लागत अपने उच्चतम स्तर पर है और रहने की लागत 40 वर्षों में सबसे तेज दर से बढ़ रही है, जिससे परिवारों को नए बिलों से जूझना पड़ रहा है। 
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बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने इस मौके पर कहा कि जहां हम अभी खड़े हैं,  हमें लगता है कि अगले साल के मध्य से शायद काफी तेजी से मुद्रास्फीति में गिरावट शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि  यह सुनिश्चित करने के लिए, आने वाले महीनों में बैंक दर को और ऊपर करना सकता है। हालांकि ये दर वित्तीय बाजारों में वर्तमान कीमत से कम होगी। केंद्रीय बैंक ने चेतावनी दी है कि यूके की अर्थव्यवस्था की "चुनौतीपूर्ण" मंदी अगले साल और 2024 की पहली छमाही में जारी रहने की उम्मीद है। 


गौरतलब है कि इससे पहले, जब लिज ट्रस देश की पीएम थीं तब मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म डिलॉइट ने एक बिजनेस सर्वे रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें ज्यादातर कंपनी अधिकारियों ने कहा कि ऊंची ब्याज दरों के बीच देश का मंदी से निकलना ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है। आज देश में कर्ज लेना 2010 से भी ज्यादा महंगा हो गया है। इसलिए कंपनियां निवेश बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। डिलॉइट के सर्वे में यह भी सामने आया कि ब्रिटेन की ज्यादातर कंपनियों का अनुमान है कि अगले एक साल में उनकी कमाई घटेगी। इसकी वजह लागत खर्च में हुई बढ़ोतरी है।

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