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Bangladesh: शेख हसीना की पार्टी ने 32 सीटों पर नहीं उतारे उम्मीदवार; इनपर अवामी लीग के ये सहयोगी लड़ेंगे चुनाव

Mon, 18 Dec 2023 03:44 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: यशोधन शर्मा Updated Mon, 18 Dec 2023 03:44 AM IST
सार

सत्तारूढ़ पार्टी का यह कदम नाम वापस लेने के लिए निर्धारित किए गए आखिरी दिन आया है। एक बयान में पार्टी ने कहा कि अवामी लीग के उम्मीदवारों ने इन सीटों से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।

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Bangladesh ruling party will share seats with Awami League allies BNP boycotts
बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बांग्लादेश में सात जनवरी को आम चुनाव होने हैं। इसको लेकर पूरी तैयारियां चल रही हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जातीय पार्टी (जेएपीए) को 300 में से 26 संसदीय सीटें देने का फैसला किया है। उनके इस फैसले का मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी ने बहिष्कार किया है। गौरतलब है कि जातीय पार्टी कभी सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेतृत्व वाले ग्रैंड अलायंस की भागीदार थी।

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सत्तारूढ़ पार्टी का यह कदम नाम वापस लेने के लिए निर्धारित किए गए आखिरी दिन आया है। एक बयान में पार्टी ने कहा कि अवामी लीग के उम्मीदवारों ने इन सीटों से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। बता दें कि इससे एक पहले जापा (जातीय पार्टी) ने अवामी लीग की मुखिया से वार्ता की थी। जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। वर्तमान में जातीय पार्टी ही अवामी लीग के सामने संसद में मुख्य विपक्ष है।
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बीमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बीएनपी द्वारा बहिष्कार के बीच, चुनाव में भाग लेने के लिए जेएपीए की अनिच्छा ने सत्तारूढ़ पार्टी को मतदान को वैध बनाने और इसकी भागीदारी प्रकृति को सुनिश्चित करने की एक बड़ी चुनौती पेश की थी। 
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इन दलों के लिए भी छोड़ी सीट
इसके साथ ही अवामी लीग ने 14-पार्टियों वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में अपने सहयोगियों के लिए भी छह सीटें छोड़ी हैं। इनमें से  तीन सीटें वामपंथी झुकाव वाले जातीय समाजतांत्रिक दल (जेएएसओडी) के लिए और दो वर्कर्स पार्टी के लिए और एक जातीय पार्टी के दूसरे गुट को दी हैं।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन अहमद ने रविवार को चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर "नागरिक सत्ता की सहायता के लिए" कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना के जवानों को बुलाने पर अपनी सहमति दे दी। बीएनपी ने 2014 के चुनाव का बहिष्कार किया था लेकिन 2018 के चुनाव में हिस्सा लिया।


जातीय पार्टी के नेताओं ने की पीएम हसीना के साथ बैठक
इससे पहले, हाल ही में जापा के पूर्व महासचिव मोशिउर रहमान रंगा ने विद्रोही गुट के नेताओं को समर्थन देने को लेकर प्रधानमंत्री हसीना के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्होंने आगामी चुनावों में जीएम क्वाडर के कार्यों का समर्थन करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि जीएम क्वाडर गुट ने जातीय पार्टी पर जबरन कब्जा कर लिया है। ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री शेख हसीना से जातीय पार्टी के इस गुट के साथ गठबंधन नहीं करने का अनुरोध किया था।




 
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