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लैंगिक समानता में बांग्लादेश ने की प्रगति, बांग्लादेशी समाज में बढ़ा है महिलाओं का दर्जा

Wed, 02 Dec 2020 03:27 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 02 Dec 2020 03:27 PM IST
सार

  • अमेरिकी एजेंसी के सर्वे में बांग्लादेश में घरेलू काम करने वाले पुरुषों की संख्या बढ़ी
  • अब 50 फीसदी महिलाएं ही बाहर निकलने के लिए पति की इजाजत लेती हैं, पहले यह आंकड़ा 80 फीसदी था

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Bangladesh progresses in gender equality, women status has increased in Bangladeshi society
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हाल के दशकों में मानव विकास सूचकांकों पर बांग्लादेश की उल्लेखनीय प्रगति की तारीफ दुनिया भर में हुई है। इनमें बांग्लादेशी समाज में महिलाओं का बढ़ा दर्जा भी है। हाल के एक सर्वे से इस पैमाने पर बांग्लादेश में हो रही तरक्की की फिर पुष्टि हुई है। लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि इसके साथ ही महिलाओं पर घरेलू हिंसा के मामले भी बढ़ रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कोरोना महामारी के दौर में ऐसे मामलों में 24 फीसदी का इजाफा हुआ है।

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एक ताजा सर्वे के मुताबिक 2015 की तुलना में 2019 में बांग्लादेश की महिलाएं अधिक स्वतंत्र हैं। साथ ही, इन चार वर्षों में घरेलू कार्य करने वाले पुरुषों की संख्या बढ़ी है। ये सर्वे अनुदान देने वाली अमेरिकी एजेंसी यूएसएड ने कराया। उसकी तरफ से जमीनी आंकड़े वर्ल्ड विजन बांग्लादेश की संस्था ने जुटाए। इसके मुताबिक 2015 में 80 फीसदी से अधिक महिलाएं घर से कहीं बाहर जाने से पहले इसके लिए अपने पति की इजाजत लेती थीं। लेकिन अब ऐसा लगभग 50 फीसदी महिलाएं ही कर रही हैं।
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इस सर्वे में शामिल हुए 71 फीसदी पुरुषों ने कहा कि वे घरेलू कार्यों में नियमित रूप से सहयोग करते हैं। 26 फीसदी ने कहा कि वे ऐसा कभी-कभार करते हैं। 2015 में नियमित रूप से घरेलू कार्य करने वाले पुरुषों की संख्या 38 फीसदी ही थी। इस सर्वे में 9,814 विवाहित दंपतियों से बातचीत की गई। उनमें से 39 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे किसी भी चीज की खरीदारी के लिए बिना इजाजत लिए अब बाहर जा सकती हैं। जबकि 65 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए बिना इजाजत के बाहर जाती हैं।
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इस सर्वे के मुताबिक अब बांग्लादेश में 52 फीसदी से अधिक पुरुष बच्चों को खाना खिलाने में मदद करते हैं, जबकि लगभग 85 फीसदी बीमारी के दौरान बच्चों की देखभाल करते हैं। 52 फीसदी पुरुष बच्चों को नहलाने में शामिल होते हैं। इस सर्वे में शामिल हुए 98 फीसदी पुरुषों ने बाल विवाह को लड़कियों के लिए हानिकारक माना जाना। जबकि ऐसा मानने वाली महिलाओं की संख्या करीब 95 फीसदी रही। रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्था की तरफ से कहा गया कि जब परिवार चलाने में पुरुष और महिलाएं समान भागीदारी निभाते हैं, तो परिवार अधिक खुश रहता है, ये बात इस सर्वे से साफ हुई है।


यूएसएड की मिशन डायरेक्टर डेरिक एस ब्राउन ने कहा है कि पुरुषों का घरेलू कार्य में शामिल होना लैंगिक समानता हासिल करने के लिहाज से बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि स्कूली किताबों में अकसर पुरुषों को पारिवारिक निर्णय लेने से संबंधित कार्य करते दिखाया जाता है। इसलिए किताबों को बदलने की जरूरत है। रिपोर्ट जारी करने के मौके पर मौजूद ढाका विश्व विद्यालय की प्रोफेसर तसलीमा यास्मीन ने कहा कि बांग्लादेश में अभी भी इस बात की जरूरत बनी हुई है कि कानून और न्याय व्यवस्था तक महिलाओं की पहुंच आसान बनाई जाए।

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