Bangladesh: बांग्लादेश में बिगड़ते आर्थिक हालत के बीच कॉमर्शियल बैंकों की हो गई है चांदी
Bangladesh: बांग्लादेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जसीमुद्दीन ने दावा किया है कि बैंक हर डॉलर की बिक्री पर दस टका का मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने कहा- ‘बैंकों को कारोबार करने का लाइसेंस दिया गया है। ये लाइसेंस उन्हें हर डॉलर पर ऊंचा मुनाफा कमाने के लिए नहीं दिया गया है।’
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जिस समय बांग्लादेश घटते विदेशी मुद्रा भंडार और विनिमय दर में डॉलर के मुकाबले कमजोर होती अपनी मुद्रा (टका) के संकट से जूझ रहा है, देश के कुछ बैंकों ने खूब मुनाफा कूटा है। डॉलर की महंगाई उनके लिए वरदान बन कर आई। जानकारों के मुताबिक इन बैंकों का रुख भी टका के कमजोर होने की एक वजह रहा है, जिससे देश में मुद्रास्फीति दर बढ़ी है।
साल की पहली छमाही (जनवरी से जून) में विदेशी विनिमय संबंधी कारोबार में बैंकों का मुनाफा 400 फीसदी तक बढ़ा। जबकि शेयर बाजार और ब्याज जैसे स्रोतों से उनकी आमदनी घटी। विशेषज्ञों के मुताबिक बैंकों के इस मुनाफे का नतीजा देश में तेजी से महंगाई बढ़ने के रूप में सामने आया है। बैंक आयातकों से ऊंचा शुल्क वसूल रहे हैं, जिसका असर देसी बाजार में चीजों के महंगा होने के रूप में सामने आया है।
बांग्लादेश के अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी एक खास रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी विनिमय कारोबार में ऊंचा मुनाफा होने के कारण कई बैंक जनवरी से जून की अवधि में फायदे में नजर आए। इस रिपोर्ट के मुताबिक विनिमय कारोबार में ब्राक बैंक ने 425 फीसदी का मुनाफा दर्ज किया। इससे जनवरी से जून तक बैंक की आमदनी 93 करोड़ टका तक पहुंच गई। जबकि पिछले साल इसी अवधि में बैंक की आमदनी सिर्फ 17 करोड़ टका रही थी। इसी तरह डच-बांग्ला बैंक की विनिमय कारोबार से आमदनी 400 फीसदी बढ़ी।
विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर का भाव बढ़ने से बैंकों के मुनाफे में इजाफा हुआ है। इसके बावजूद ज्यादातर बैंकों के कुल मुनाफे में उतनी बढ़ोतरी नहीं दिखी है, क्योंकि सरकार ने ब्याज दर पर सीमा लगा रखी है। साथ ही शेयर बाजारों में गिरावट का असर बैंकों के शेयर भाव पर भी पड़ा है। इसके बावजूद विनिमय कारोबार को जिस तरह बैंकों ने मुनाफा कमाने का जरिया बना लिया है, उसकी देश में कड़ी आलोचना हो रही है।
बांग्लादेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जसीमुद्दीन ने दावा किया है कि बैंक हर डॉलर की बिक्री पर दस टका का मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने कहा- ‘बैंकों को कारोबार करने का लाइसेंस दिया गया है। ये लाइसेंस उन्हें हर डॉलर पर ऊंचा मुनाफा कमाने के लिए नहीं दिया गया है।’
बांग्लादेश के सेंट्रल बैंक- बांग्लादेश बैंक के गवर्नर अब्दुर रऊफ तालुकदार ने भी कॉमर्शियल बैंकों के इस नजरिए की आलोचना की है। उन्होंने कहा है- ‘हम इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते कि बैंक सेंट्रल बैंक से 94 टका में एक डॉलर खरीद कर उसे 105 से 110 टका पर दूसरों को बेचें।’ तालुकदार ने दावा किया कि डॉलर कारोबार में बढ़े मुनाफे को देकते हुए अब कई शेयर कारोबारी भी डॉलर खरीद-बिक्री के धंधे में उतर आए हैं।
लेकिन कॉमर्शियल बैंकों के अधिकारियों खंडन किया है कि वे किसी अनुचित काम में शामिल हैं। ब्राक बैंक के प्रबंध निदेशक सलीम आर एफ हुसैन ने कहा- अगर हम मुनाफाखोरी में शामिल होते, तो यह अवश्य ही बांग्लादेश बैंक की नजर में आया होता। उन्होंने कहा कि जब मुद्रा बाजार अस्थिर हो, तो बैंकों को ज्यादा मुनाफा होना सामान्य बात है।