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Bangladesh: बांग्लादेश पुलिस ने तीन छात्र नेताओं को हिरासत में लिया, हसीना बोलीं- देश के खिलाफ हुई बड़ी साजिश

Sat, 27 Jul 2024 10:51 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 27 Jul 2024 10:51 PM IST
सार

बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर हुए देशव्यापी हिंसा के बाद पुलिस ने तीन छात्र नेताओं को सुरक्षित हिरासत में लिया है। पुलिस ने दावा किया कि उनकी सुरक्षा के लिए ये फैसला लिया गया है। वहीं पीएम हसीना ने कहा कि देश खिलाफ बड़ी साजिश की गई है।

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Bangladesh police take into safe custody three student protest leaders days after deadly violence
देश खिलाफ की गई बड़ी साजिश- बांग्लादेश की प्रधानमंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश हाल में हुए हिंसा को देश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश को भिखारियों के देश में बदलने की गंभीर साजिश का हिस्सा बताया है। बता दें कि इस हिंसा में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि छात्रों के प्रवक्ता नाहिद इस्लाम और समूह के दो अन्य वरिष्ठ नेताओं को शुक्रवार को एक अस्पताल से जबरन छुट्टी दे दी गई और सादे कपड़ों में जासूसों के एक समूह की तरफ से ले जाया गया है।
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मैं देशवासियों से न्याय चाहती - हसीना
प्रधानमंत्री हसीना ने सरकारी नेशनल ऑर्थोपेडिक अस्पताल का दौरा कर हिंसा में घायलों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह देशवासियों से जानना चाहती हैं कि अब इस हिंसा में हताहत हुए और बड़े पैमाने पर हुए विनाश की जिम्मेदारी कौन लेगा। सरकारी बांग्लादेश संगबाद संस्था (बीएसएस) ने उनके हवाले से कहा, उन्होंने सवाल किया कि उनकी गलती क्या थी। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वह लोगों की किस्मत बदलने और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा- मैं देशवासियों से न्याय चाहती हूं।
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'धमकी देने वालों की पहचान करने की जरूरत'
इन गिरफ्तारियों के बारे में जानकारी देते हुए देश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने पत्रकारों से कहा- यह फैसला उनकी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। हमें उनसे पूछताछ करने और उन्हें धमकी देने वालों की पहचान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला लेंगे। वहीं पुलिस की जासूसी शाखा के प्रमुख हारुन ओर राशिद ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के नेताओं के परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे और इसलिए हमने उन्हें सुरक्षित रखने के लिए अपनी हिरासत में ले लिया है।
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मृतकों की सटीक संख्या पता करने में जुटे अधिकारी- सूत्र
हालांकि, विश्लेषकों ने इस पर कहा कि हिंसा को रोकने से सत्तारूढ़ अवामी लीग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ गुस्सा और असंतोष दूर नहीं हो सकता है, क्योंकि छात्रों की मांगों को गलत तरीके से संभाला गया, जिससे हताहत हुए, जिनमें से अधिकांश छात्र थे। स्थानीय सूत्र के अनुसार- मृतकों का अभी तक सटीक आंकड़ा नहीं मिला है, लेकिन संबंधित अधिकारी हिंसा के दौरान हताहत हुए लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। बता दें कि पिछले सप्ताह व्यापक हिंसा के दौरान सरकारी बांग्लादेश टेलीविजन (बीटीवी) समेत कई प्रमुख सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया गया था।
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