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Bangladesh: बांग्लादेश में पुलिस के ड्रग विरोधी अभियान के दौरान भड़की हिंसा, पत्रकार और कई छात्र घायल

Tue, 24 Feb 2026 01:59 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 24 Feb 2026 01:59 PM IST
सार

बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो चुका है और वह सत्ता भी संभाल चुकी है, लेकिन अभी भी बांग्लादेश में हिंसा नहीं थम रही है। राजधानी ढाका में पुलिस के एक अभियान के दौरान हिंसा भड़क गई, जिसमें छात्र, पत्रकार और पुलिकर्मी घायल हुए हैं। 

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बांग्लादेश में फिर हुई हिंसा - फोटो : आईएएनएस

विस्तार

बांग्लादेश में पुलिस के ड्रग विरोधी अभियान के तहत हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में पत्रकार और कई छात्र घायल हो गए हैं। हिंसा के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। दरअसल राजधानी ढाका स्थित सुहरावर्दी उद्यान में पुलिस ड्रग विरोधी अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई। ढाका के रमना जोन के डिप्टी कमिश्नर मसूद के मुताबिक, सोमवार शाम को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) के रमना जोन ने यह ऑपरेशन शुरू किया था, जिसमें सात से आठ लोगों को हिरासत में लिया गया और करीब 60 से 70 पुलिसवालों को तैनात किया गया।
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घायलों में पत्रकार, छात्र और पुलिसकर्मी शामिल
  • बांग्लादेश के अखबार ढाका ट्रिब्यून ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा कि लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया है और अभियान का मकसद बस उन्हें डराने का था। हिंसा में घायलों की पहचान स्थानीय पत्रकार कवसर अहमद रिपन, तोफायेल अहमद, ढाका यूनिवर्सिटी के छात्र नईम उद्दीन और एक पुलिस कांस्टेबल के तौर पर हुई है।
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  • पत्रकार रिपन ने बताया, पुलिस ने शुरू में उनके साथी तोफायेल पर हमला किया, और जब उन्होंने बीच-बचाव किया तो उन्हें भी पीटा गया। रिपन ने कहा, 'मैं दौड़कर गया और पूछा कि वे उसे क्यों मार रहे हैं, तो उन्होंने मेरा फोन छीन लिया और मुझे भी मारना शुरू कर दिया।' 
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  • इस बीच, एक वीडियो फुटेज भी सामने आया जिसमें ढाका यूनिवर्सिटी के छात्र नईम उद्दीन को बहस के बाद पुलिस वाले पीटते हुए देखे जा सकते थे।
  • नईम ने कहा कि वह और उसके दोस्त पार्क में 'बहु-भाषार संध्या' नाम के एक समारोह पर बात कर रहे थे और बाहर निकलते समय पुलिस से उनका सामना हुआ।
  • उन्होंने कहा, 'उन्हें हमारे पास कुछ नहीं मिला, फिर हमारी उनसे बहस हो गई। जब वह बातचीत चल ही रही थी, तो उनमें से एक ने अचानक मुझे पकड़ लिया और अंदर खींचकर पीटा, और मेरे साथ मौजूद दोस्त को भी पीटा गया।'
  • नईम ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस ने उसका फोन जब्त कर लिया और उसे लंबे समय तक पुलिस स्टेशन में बिठाए रखा। इस दौरान उसे किसी से बात नहीं करने दी गई।

पुलिस का आरोप- ये लोग नशा कर रहे थे
  • बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने ड्रग विरोधी अभियान को एक सामान्य कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा, 'यह ड्रग्स के खिलाफ है। रात के 8 या 9 बजे तक, आस-पास कोई नहीं होता—ये लोग घने अंधेरे जंगल में बैठे होते हैं। इस तरह का ऑपरेशन आमतौर पर चलता है; आज का ऑपरेशन बस थोड़ा बड़ा था।'
  • मसूद ने कहा कि पुलिसकर्मियों को यूनिवर्सिटी छात्रों का एक समूह मिला जो कथित तौर पर गांजा पी रहे थे। उन्होंने कहा कि उनमें से एक ने खुद को ढाका यूनिवर्सिटी का छात्र बताया, जिसके बाद दोनों में बहस हो गई।
  • वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि इस दौरान एक कांस्टेबल की आंख के ऊपर एक नुकीली चीज से हमला किया गया, जिससे गहरा घाव हो गया।
  • पत्रकारों से जुड़े आरोपों पर बात करते हुए, मसूद ने कहा कि अधिकारियों को पता नहीं था कि उनमें से कोई व्यक्ति पत्रकार है।
  • पत्रकारों ने इन दावों को गलत बताया और कहा कि हमला जानबूझकर किया गया था।
(आईएएनएस इनपुट)

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