बांग्लादेश: बदजुबानी के कारण गई मंत्री की कुर्सी, मशहूर शख्सियतों के खिलाफ कही थीं अभद्र बातें
पिछले दिनों एक मीडिया इंटरव्यू में मुराद ने खालिदा जिया और उनकी परपोती जायमा रहमान के खिलाफ अश्लील टिप्पणियां कीं। इसकी सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई। इस बीच अभिनेत्री माही के साथ एक फोन बातचीत का क्लिप भी सार्वजनिक हो गया। उस बातचीत में मुराद नाम का व्यक्ति माही को बलात्कार करने की धमकी देता सुना गया...
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बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के एक मंत्री को अपनी बदजुबानी के कारण अपना पद गंवाना पड़ा है। मंत्री के बयानों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री ने उन्हें हटाने का फैसला किया। बांग्लादेश के सूचना और प्रसार राज्यमंत्री मोहम्मद मुराद की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर पिछले कई दिनों से सरकार को आलोचना झेलनी पड़ रही थी।
मोहम्मद मुराद ने कई मशहूर शख्सियतों के खिलाफ अभद्र बातें कही थीं। उन शख्सियतों में फिल्म स्टार माहिया माही, विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया, और खालिदा की परपोती भी शामिल हैं। सोमवार देर रात प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि कर दी कि मुराद को सरकार से हटने का निर्देश दे दिया गया है।
मोहम्मद मुराद सत्ताधारी अवामी लीग के वरिष्ठ नेता हैं। 2008 में के आम चुनाव में पहली बार राष्ट्रीय संसद के लिए चुने गए थे। 2014 में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था, लेकिन 2018 के चुनाव में उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया गया। 2019 में प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उन्हें अपनी सरकार में शामिल किया था।
अश्लील टिप्पणियों का आरोप
पिछले दिनों एक मीडिया इंटरव्यू में मुराद ने खालिदा जिया और उनकी परपोती जायमा रहमान के खिलाफ अश्लील टिप्पणियां कीं। इसकी सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई। इस बीच अभिनेत्री माही के साथ एक फोन बातचीत का क्लिप भी सार्वजनिक हो गया। उस बातचीत में मुराद नाम का व्यक्ति माही को बलात्कार करने की धमकी देता सुना गया। मुराद ने खंडन किया कि उस ऑडियो क्लिप में उनकी आवाज है, लेकिन उनकी सफाई पर ज्यादातर लोगों ने यकीन नहीं किया। इस ऑडियो क्लिप के सार्वजनिक होने के बाद मुराद की आलोचना और तेज हो गई।
उसके बाद मोहम्मद मुराद की बदजुबानी की दो और घटनाएं सामने आईं। उनमें गण स्वास्थ्य केंद्र नाम की संस्था के संस्थापक डॉ. जफरुल्लाह चौधरी और बीएनपी की पूर्व सांसद सईदा आसिफा अशरफी पापिया के खिलाफ मुराद अपमानजनक भाषा बोलते सुने गए।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने मुहिम छेड़ी
इन घटनाओं को लेकर बीएनपी और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने मुहिम छेड़ दी। कई बड़े शिक्षाशास्त्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मुराद को मंत्री पद से हटाने की मांग की थी। सोशल मीडिया पर मुराद की टिप्पणियों को लिंगभेदी, पतित, स्त्री-द्रोही, नस्लवादी, अश्लील और आपत्तिजनक बताया गया। बीएनपी के महासचिव जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने एक बयान में कहा- ‘हमें हैरत होती है कि कैसे एक जन प्रतिनिधि, जो मंत्री भी है, महिला के प्रति ऐसे नफरती भरी और नस्लवादी सोच रख सकता है।’
सोमवार को फिल्म अभिनेता मामनून हसन इमॉन ने इस बात की पुष्टि कर दी कि माही को धमकी मुराद ने ही दी थी। उन्होंने कहा कि वो फोन बातचीत जिस कॉल में हुई थी, उसमें वे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि ये बातचीत दो साल पहले हुई थी। उधर मंत्री को हटाए जाने के बाद माही ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा- ‘मैं निर्दोष थी, जो परिस्थितियों की शिकार बनी। उनके व्यवहार से मैं उस रोज आवाक रह गई। मैं जानती थी कि अल्लाह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुराद के साथ वही हुआ है, जिसके वे लायक हैं।’