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Hindi News ›   World ›   Bangladesh Muhammad Yunus govt to announce ‘proclamation of July uprising’

Bangladesh Violence: बांग्लादेश सरकार करेगी जुलाई विद्रोह घोषणापत्र जारी, जानिए किसकी सलाह से होगा तैयार

Tue, 31 Dec 2024 06:38 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 31 Dec 2024 06:38 AM IST
सार

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के प्रेस सेक्रेटरी शफीकुल आलम ने बताया कि जुलाई विद्रोह घोषणापत्र का मसौदा तैयार किया जा रहा है, कुछ ही दिनों में यह जनता के सामने होगा। 

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Bangladesh Muhammad Yunus govt to announce ‘proclamation of July uprising’
मोहम्मद यूनुस - फोटो : PTI

विस्तार

बांग्लादेश की यूनूस सरकार ने जुलाई में हुए छात्र विद्रोह पर घोषणापत्र जारी करने का फैसला किया है। यह कदम छात्रों के संगठन द एंटी डिस्क्रिमेशन स्टूडेंट्स मूवमेंट की एक दिन पहले हुई उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने 1972 के संविधान पर सवाल उठाते हुए घोषणा पत्र जारी करने का फैसला किया था। छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के उग्र रूप लेने के बाद ही 5 अगस्त को देश में तख्तापलट हुआ था और तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में शरण लेनी पड़ी थी।   

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अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के प्रेस सेक्रेटरी शफीकुल आलम ने सोमवार देर रात प्रेसवार्ता की। मुहम्मद यूनुस के आधिकारिक निवास के बाहर उन्होंने बताया कि, जुलाई विद्रोह घोषणापत्र का मसौदा तैयार किया जा रहा है, कुछ ही दिनों में यह जनता के सामने होगा। घोषणापत्र विद्रोह में शामिल छात्रों, राजनीतिक पार्टियों, सहयोगी दलों के सुझावों पर तैयार होगा। यह निर्णय जनता की एकता, फासीवाद विरोधी भावना और राज्य के सुधार की इच्छा को सुदृढ़ करने के लिए उठाया गया है। वहीं, प्रेस सेक्रेटरी ने छात्र संगठनों की घोषणा पर इसे उनका निजी आयोजन बताया और कहा, सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। 
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संविधान 30 लाख लोगों के खून से लिखा गया
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी ने छात्रों के समूहों की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य मिर्जा अब्बास ने कहा कि, संविधान 30 लाख लोगों के खून से लिखा गया था। अगर इसमें कुछ गलत है तो इसे संशोधित किया जा सकता है। छात्रों के वरिष्ठ होने के नाते हमें उनकी ऐसी गतिविधियों पर निराशा होती है। वे फांसीवादियों जैसा बर्ताव कर रहे हैं, क्योंकि फांसीवादी ही कहा करते थे कि, ''दफना देंगे, मार देंगे, काट देंगे।'' 
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छात्रों ने लिय़ा फैसला वापस, करेंगे मार्च   
द एंटी डिस्क्रिमेशन स्टूडेंट्स मूवमेंट और नेशनल सिटीजन कमेटी ने रविवार को कहा था कि, मंगलवार को वे ढाका केंद्रीय शहीद मीनार पर जुलाई विद्रोह पर घोषणापत्र जारी करेंगे। इस घोषणा पत्र का एक अहम बिंदु यह था कि 1972 के मुजीब सरकार के संविधान को दफना दिया जाएगा। बताया कि इस घोषणा पत्र से स्पष्ट होगा कि भारतीय आक्रमकता से निर्मित 1972 के संविधान ने कैसे लोगों की अपेक्षाओं को नष्ट कर दिया और कैसे इसे सुधारा जा सकता है। हालांकि, सरकार की घोषणा के बाद छात्रों के संगठनों ने बैठक की और कहा कि अब वे सिर्फ एकता मार्च करेंगे।

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