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बांग्लादेश: खालिदा जिया का इलाज बना मुद्दा, विदेश जाने की नहीं मिली इजाजत

Tue, 23 Nov 2021 05:26 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 23 Nov 2021 05:26 PM IST
सार

बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्री डॉ. हसन महमूद ने कहा है कि ‘एक सजायाफ्ता अपराधी को विदेश जाने देने की इजाजत की मांग को स्वीकार करने का कोई सवाल नहीं है।’ उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो बेगम जिया के इलाज के लिए देश के प्रमुख डॉक्टरों को लेकर एक मेडिकल बोर्ड बनाया जाएगा....

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Bangladesh government again refused permission to former Prime Minister Begum Khaleda Zia to go abroad for treatment
बेगम खालिदा जिया - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

बांग्लादेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देने से फिर इनकार कर दिया है। बेगम जिया प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नेता भी हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद की सरकार ने बेगम जिया को विदेश जाने की इजाजत देने की मांग को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है।

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बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्री डॉ. हसन महमूद ने कहा है कि ‘एक सजायाफ्ता अपराधी को विदेश जाने देने की इजाजत की मांग को स्वीकार करने का कोई सवाल नहीं है।’ उन्होंने कहा कि अवामी लीग सरकार की यह दृढ़ राय है कि देश के अंदर ही बेगम जिया को सर्वोत्तम चिकित्सा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो बेगम जिया के इलाज के लिए देश के प्रमुख डॉक्टरों को लेकर एक मेडिकल बोर्ड बनाया जाएगा। महमूद ने बीएनपी से जुड़े कई मशहूर डॉक्टरों का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग अपनी नेता का इलाज करने में सक्षम हैं।

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राजनीतिक कारणों से जा रही हैं विदेश

बीएनपी का कहना है कि बेगम जिया की सेहत नाजुक है। इसलिए उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मिलनी चाहिए। लेकिन महमूद ने कहा कि जो बात बीएनपी कह रही है, उसकी पुष्टि वे डॉक्टर नहीं कर रहे हैं, जो बेगम जिया के इलाज से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा- इससे साफ है कि बेगम जिया को विदेश ले जाने की मांग स्वास्थ्य संबंधी कारणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों से की जा रही है।

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बीएनपी ने सरकार के इस रुख के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का एलान किया है। लेकिन सरकार का कहना है कि अपनी नेता की सेहत का मुद्दा बना कर बीएनपी देश में अराजकता फैलाना चाहती है। इस बीच एक दूसरी खबर में बताया गया है कि ढाका की एक अदालत ने बेगम जिया के खिलाफ मामलों की सुनवाई का कार्यक्रम तय कर दिया है। ऐसे कुल 11 मामलों में सजा तय करने पर सुनवाई होगी। इन मामलों में बेगम जिया के खिलाफ जो आरोप हैं, उनमें एक राजद्रोह का भी है।

‘फर्जी जन्म दिन’ मनाने का आरोप

सोमवार को ढाका मेट्रोपॉलिटन सेशन कोर्ट के जज केएम इमरुल कायेश ने ढाका सेंट्रल जेल के अंदर कोर्ट बैठाने का फैसला किया। उन्होंने सुनवाई के लिए 15 दिन की अवधि तय की है। ये आदेश उन्होंने बेगम जिया की उस अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया, जिसमें सुनवाई से पहले अधिक समय देने की गुजारिश की गई थी। इसके पहले हाई कोर्ट ने इनमें से ज्यादातर मामलों में सुनवाई पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब दोबारा सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।



राजद्रोह के अलावा तीन मामलों में बेगम जिया पर भ्रष्टाचार के इल्जाम हैं। बेगम जिया पर एक दूसरी अदालत में राष्ट्रीय झंडे का अपमान करने और 15 अगस्त को अपना ‘फर्जी जन्म दिन’ मनाने के आरोप में भी मुकदमा चल रहा है। 15 अगस्त 1975 को बांग्लादेश में सेना ने बंग बंधु शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर उनकी सरकार का तख्ता पलट दिया था। सत्ताधारी अवामी लीग उस रोज शोक दिवस मनाती है। जबकि बेगम जिया ने उस दिन अपने जन्म दिन का उत्सव मनाना शुरू किया है।

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