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बांग्लादेश: पहले माफी मांगें पूर्व पीएम खालिदा जिया, तब मिलेगी इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत
Thu, 01 Jul 2021 05:10 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, ढाका
पीटीआई, ढाका
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 01 Jul 2021 05:10 PM IST
सार
बांग्लादेश के कानून मंत्री अनीस उल हक ने पूर्व पीएम से अपने गलत कामों को कबूलने और राष्ट्रपति से माफी मांगने को कहा है। जिया इलाज के लिए विदेश जाना चाहती हैं।
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खालिदा जिया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बांग्लादेश के कानून मंत्री अनीस उल हक ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया इलाज के लिए अगर विदेश जाना चाहती हैं तो उन्हें अपने गलत कामों को कबूल करना चाहिए और राष्ट्रपति से माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले, पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी के सदस्यों ने आरोप लगाया था कि सरकार राजनीतिक कारणों के चलते उन्हें बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए देश से बाहर जाने से रोक रही है।
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बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीपीएन) की स्टैंडिंग समिति ने पिछले हफ्ते मांग की थी कि सरकार 76 वर्षीय पार्टी अध्यक्ष ज़िया को बेहतर इलाज के लिए तुरंत विदेश जाने की अनुमति दे। 'द डेली स्टार बांग्लादेश' की खबर के मुताबिक, संसद में बुधवार को कानून मंत्री अनीस उल हक ने कहा, 'जिया को इलाज कराने के वास्ते विदेश जाने के लिए अपने गलत कामों को कबूल करना चाहिए और राष्ट्रपति से माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अगर कोई इस पर अन्य कानूनी प्रावधान ढूंढ सकता है, तो वह अपना पेशा छोड़ देंगे।
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हालत खतरे से बाहर नहीं : आलमगीर
बीएनपी के महासचिव मिर्जा फख्र उल इस्लाम आलमगीर ने पिछले हफ्ते कहा था, 'मेडिकल बोर्ड के प्रमुख एएफएम सिद्दीकी ने बताया कि जिया कोविड-19 से उबर चुकी हैं, लेकिन कोविड के बाद की जटिलताओं से पीड़ित हैं। वह अभी खतरे से बाहर नहीं है।' आलमगीर ने कहा था कि उन्हें जिगर और अन्य जटिलताओं के बेहतर इलाज के लिए विदेश ले जाने की जरूरत है। बीपीएन के सांसद हारून उर रशिद और मुशर्रफ हुसैन ने आरोप लगाया है कि सरकार राजनीतिक कारणों के चलते जिया को विदेश जाने की इजाजत नहीं दे रही है।
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सशर्त रिहाई को कबूल किया था
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कानून मंत्री अनीस उल हक ने कहा कि जिया के परिवार के सदस्यों ने उनकी रिहाई के लिए आवेदन दिया था और कहा था कि उन्हें विदेश ले जाना होगा, लेकिन अपने आवेदन में, उन्होंने कानून के किसी प्रावधान का उल्लेख नहीं किया। हमने (दंड संहिता की) धारा 401 के तहत अपील पर विचार किया और उनकी सजा को दो शर्तों पर निलंबित कर दिया गया और उन्हें रिहा कर दिया गया।' उन्होंने कहा कि यह दो शर्तें थी कि वह घर पर इलाज कराएंगी और उनका उपचार देश में ही होगा। मंत्री के मुताबिक, जिया के परिवार ने ये शर्तें मान ली थी और उन्हें जेल से घर ले गए थे।
दो बार रह चुकी हैं प्रधानमंत्री
दो बार देश की प्रधानमंत्री रही जिया को कोरोना वायरस महामारी के बीच पिछले साल 25 मार्च को छह महीने के लिए जेल से रिहा किया गया था और भ्रष्टाचार के दो मामलों में उनकी सजा को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद रिहाई की अवधि को कई बार बढ़ाया जा चुका है।
तमाम बीमारियों से जूझ रहीं जिया
जिया को कोरोना वायरस से दूसरी बार संक्रमित होने के तीन दिन बाद 28 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले वह 11 अप्रैल को संक्रमित पाई गई थीं। उन्हें आर्थराइटिस, मधुमेह और आंखों से संबंधित परेशानी है। उन्हें 19 जून को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।