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बांग्लादेश: अवामी लीग पर प्रतिबंध को हटाने की मांग, शेख हसीना के बेटे बोले-समावेशी चुनाव ही स्थिरता दे सकता है
Thu, 23 Oct 2025 11:18 PM IST
लव गौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: लव गौर
Updated Thu, 23 Oct 2025 11:18 PM IST
सार
Bangladesh News: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे ने देश की अंतरिम सरकार से हसीना की पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाने की अपील की है। एक इंटरव्यू में सजीब वाजेद ने कहा है कि उन्हें बाहर रखने वाला चुनाव एक दिखावा होगा।
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शेख हसीना
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने देश की अंतरिम सरकार से उनकी पार्टी अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव से अवामी लीग को बाहर रखा गया, तो वह नकली चुनाव साबित होगा और देश में राजनीतिक अस्थिरता बनी रहेगी।
एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में साजिब वाजेद ने कहा कि अगर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली मौजूदा अंतरिम सरकार समावेशी चुनाव कराने में विफल रहती है, तो बांग्लादेश राजनीतिक रूप से अस्थिर बना रहेगा।
पनी मां के नेतृत्व वाली सरकार की पूर्व सलाहकार रही वाजेद ने वाशिंगटन डी.सी. में एपी से बात करते हुए कहा कि यह प्रतिबंध हटाना होगा, चुनाव समावेशी, स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अभी जो हो रहा है, वह वास्तव में मेरी मां और हमारे राजनीतिक नेताओं को चुनाव लड़ने से रोकने का एक प्रयास है। यह न्याय के भेष में राजनीतिक हेरफेर है।
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हसीना सरकार के पतन के बाद की स्थिति
बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव होने की संभावना है। यह देश का पहला चुनाव होगा, जब से छात्र आंदोलन के बाद पिछले साल शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार का तख्तापलट कर दिया गया। देश में उपजी हिंसा के बाद शेख हसीना को भारत भागने पर मजबूर होना पड़ा, तब से वो निर्वासन में हैं।
उनकी बेदखली के तीन दिन बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार का कार्यभार संभाला और सुधारों का वादा किया। लेकिन इसी साल मई में उनकी सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया और कई वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। कई पूर्व मंत्री और नेता देश छोड़कर भाग गए। हसीना और उनके परिवार पर मानवता के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बिना अवामी लीग के चुनाव मान्य नहीं होंगे-वाजेद
छह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, जिनमें ह्यूमन राइट्स वॉच और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स शामिल हैं, उन्होंने हाल ही में यूनुस सरकार को पत्र लिखकर अवामी लीग पर प्रतिबंध हटाने की मांग की है। पिछले 30 वर्षों से अमेरिका में रह रहे वाजेद ने कहा कि अगर अवामी लीग पार्टी को चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया, तो नतीजों को देश की जनता और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा मान्यता नहीं दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा, "हमें चुनाव की कोई तैयारी करने की अनुमति नहीं है। इसलिए अगर आखिरी समय में प्रतिबंध हटा भी दिया जाता है, तो भी चुनाव एक दिखावा होगा।" 17 करोड़ लोगों वाले संसदीय लोकतंत्र बांग्लादेश में 52 पंजीकृत राजनीतिक दल हैं। हसीना की प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) अगला चुनाव लड़ने की मुख्य दावेदार मानी जा रही है। वहीं जातीय पार्टी पर भी प्रतिबंध जैसे हालात हैं। इसके दफ्तरों पर हमले हुए और रैलियां रोकी गईं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर दिया बयान
वाजेद ने हसीना सरकार की कुछ शुरुआती "गलतियों" को स्वीकार किया, जिस पर प्रदर्शनकारियों पर क्रूरतापूर्वक कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट पर विवाद खड़ा किया, जिसमें कहा गया था कि विद्रोह के दौरान 1,400 तक लोग मारे गए। उन्होंने यूनुस सरकार के एक स्वास्थ्य सलाहकार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि लगभग 800 लोग मारे गए थे।
वाजेद ने कहा कि सभी मौतें "अफसोसजनक" हैं और उनकी गहन जांच की आवश्यकता है, लेकिन उन्होंने पिछले साल की हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारियों को छूट देने के यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने यूनुस सरकार पर हसीना के खिलाफ षडयंत्र रचने का भी आरोप लगाया, जिन पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप लगाया गया है।
अवामी लीग कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप
वाजेद ने यूनुस सरकार पर मानवाधिकारों और राजनीतिक अधिकारों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया और कहा कि अवामी लीग पार्टी के हज़ारों समर्थकों को एक साल से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है और जमानत नहीं दी गई है, और उनमें से कई पर हत्या का आरोप भी लगाया गया है। उन्होंने दावा किया कि विद्रोह के बाद से लगभग 500 अवामी लीग कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है, जिनमें से ज्यादातर भीड़ द्वारा की गई हैं, और 31 पार्टी कार्यकर्ताओं की हिरासत में मौत हो गई है। वाजेद ने कहा, "इस सरकार का मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहद क्रूर है।" उन्होंने आगे कहा कि देश के धार्मिक अल्पसंख्यक खासकर हिंदू मुख्य निशाना हैं।
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एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में साजिब वाजेद ने कहा कि अगर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली मौजूदा अंतरिम सरकार समावेशी चुनाव कराने में विफल रहती है, तो बांग्लादेश राजनीतिक रूप से अस्थिर बना रहेगा।
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पनी मां के नेतृत्व वाली सरकार की पूर्व सलाहकार रही वाजेद ने वाशिंगटन डी.सी. में एपी से बात करते हुए कहा कि यह प्रतिबंध हटाना होगा, चुनाव समावेशी, स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अभी जो हो रहा है, वह वास्तव में मेरी मां और हमारे राजनीतिक नेताओं को चुनाव लड़ने से रोकने का एक प्रयास है। यह न्याय के भेष में राजनीतिक हेरफेर है।
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हसीना सरकार के पतन के बाद की स्थिति
बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव होने की संभावना है। यह देश का पहला चुनाव होगा, जब से छात्र आंदोलन के बाद पिछले साल शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार का तख्तापलट कर दिया गया। देश में उपजी हिंसा के बाद शेख हसीना को भारत भागने पर मजबूर होना पड़ा, तब से वो निर्वासन में हैं।
उनकी बेदखली के तीन दिन बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार का कार्यभार संभाला और सुधारों का वादा किया। लेकिन इसी साल मई में उनकी सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया और कई वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। कई पूर्व मंत्री और नेता देश छोड़कर भाग गए। हसीना और उनके परिवार पर मानवता के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बिना अवामी लीग के चुनाव मान्य नहीं होंगे-वाजेद
छह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, जिनमें ह्यूमन राइट्स वॉच और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स शामिल हैं, उन्होंने हाल ही में यूनुस सरकार को पत्र लिखकर अवामी लीग पर प्रतिबंध हटाने की मांग की है। पिछले 30 वर्षों से अमेरिका में रह रहे वाजेद ने कहा कि अगर अवामी लीग पार्टी को चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया, तो नतीजों को देश की जनता और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा मान्यता नहीं दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा, "हमें चुनाव की कोई तैयारी करने की अनुमति नहीं है। इसलिए अगर आखिरी समय में प्रतिबंध हटा भी दिया जाता है, तो भी चुनाव एक दिखावा होगा।" 17 करोड़ लोगों वाले संसदीय लोकतंत्र बांग्लादेश में 52 पंजीकृत राजनीतिक दल हैं। हसीना की प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) अगला चुनाव लड़ने की मुख्य दावेदार मानी जा रही है। वहीं जातीय पार्टी पर भी प्रतिबंध जैसे हालात हैं। इसके दफ्तरों पर हमले हुए और रैलियां रोकी गईं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर दिया बयान
वाजेद ने हसीना सरकार की कुछ शुरुआती "गलतियों" को स्वीकार किया, जिस पर प्रदर्शनकारियों पर क्रूरतापूर्वक कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट पर विवाद खड़ा किया, जिसमें कहा गया था कि विद्रोह के दौरान 1,400 तक लोग मारे गए। उन्होंने यूनुस सरकार के एक स्वास्थ्य सलाहकार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि लगभग 800 लोग मारे गए थे।
वाजेद ने कहा कि सभी मौतें "अफसोसजनक" हैं और उनकी गहन जांच की आवश्यकता है, लेकिन उन्होंने पिछले साल की हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारियों को छूट देने के यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने यूनुस सरकार पर हसीना के खिलाफ षडयंत्र रचने का भी आरोप लगाया, जिन पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप लगाया गया है।
अवामी लीग कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप
वाजेद ने यूनुस सरकार पर मानवाधिकारों और राजनीतिक अधिकारों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया और कहा कि अवामी लीग पार्टी के हज़ारों समर्थकों को एक साल से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है और जमानत नहीं दी गई है, और उनमें से कई पर हत्या का आरोप भी लगाया गया है। उन्होंने दावा किया कि विद्रोह के बाद से लगभग 500 अवामी लीग कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है, जिनमें से ज्यादातर भीड़ द्वारा की गई हैं, और 31 पार्टी कार्यकर्ताओं की हिरासत में मौत हो गई है। वाजेद ने कहा, "इस सरकार का मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहद क्रूर है।" उन्होंने आगे कहा कि देश के धार्मिक अल्पसंख्यक खासकर हिंदू मुख्य निशाना हैं।