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Bangladesh: फिर सामने आया यूनुस सरकार का दोहरा चरित्र; बांग्लादेश ने उल्फा चीफ परेश बरुआ की मौत की सजा की रद्द

Wed, 18 Dec 2024 02:16 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 18 Dec 2024 02:16 PM IST
सार

वर्ष 2004 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी की सरकार के दौरान हथियारों का यह बड़ा जखीरा जब्त किया गया था। तब पूर्व मंत्री लुत्फज्जमां बाबर और परेश बरुआ को सजा दी गई थी। हालांकि, अब सजा को हाईकोर्ट ने बदल दिया है। 

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Bangladesh court cancels death for Ulfa chief Paresh Baruah in arms-haul case news in hindi
मोहम्मद यूनुस, प्रमुख सलाहकार, अंतरिम सरकार, बांग्लादेश - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश के हाईकोर्ट से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन उल्फा के प्रमुख परेश बरुआ को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, अदालत ने साल 2004 के चट्टग्राम हथियार तस्करी मामले में पूर्व मंत्री लुत्फज्जमां बाबर और उनके पांच साथियों को बरी कर दिया। जबकि बरुआ की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। यह मामला 10 ट्रकों में भरकर भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों को भेजे जा रहे हथियारों और गोला-बारूद से जुड़ा हुआ है।

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बाबर उस समय थे गृह राज्य मंत्री
वर्ष 2004 में, बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी की सरकार के दौरान हथियारों का यह बड़ा जखीरा जब्त किया गया था। इसमें लुत्फज्जमां बाबर के आतंकवादी समूहों के साथ हथियार तस्करी में शामिल होने के सबूत थे। बाबर 2001 से 2006 तक बांग्लादेश के प्रधानमंत्री खालिदा जिया की सरकार में गृह राज्य मंत्री थे। 
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छह दोषियों को मिली थी मौत की सजा
बरुआ मौत की सजा पाए छह दोषियों में से एक हैं। हालांकि अब उन्हें राहत मिल गई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जहां बरुआ की सजा को कम करके उम्रकैद कर दिया गया है। वहीं, बाकी आरोपियों को 10 साल की सजा दी गई है। 
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शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद आया फैसला
यह फैसला उस वक्त आया है जब बांग्लादेश में एक अंतरिम सरकार ने कार्यभार संभाला है, जो कि शेख हसीना की सरकार के बाद सत्ता में आई है। हसीना की सरकार को भारत का समर्थक माना जाता था, जबकि नए सरकार का रुख भारत के प्रति उतना अनुकूल नहीं रहा है।

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