Bangladesh: बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल गरमाया, बीएनपी ने किया आर-पार की लड़ाई का एलान
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जिस समय एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश में है, यहां की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ने का एलान कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की अध्यक्षता वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने कहा है कि इस आंदोलन का मकसद स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की एक सूत्री मांग पर जोर डालना होगा। इसके पहले अमेरिका ने कहा था कि उसके प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अपनी यात्रा के दौरान बांग्लादेश मे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
बीएनपी अपना आंदोलन 18 जुलाई से शुरू करेगी, लेकिन इस बारे में घोषणा बुधवार को कर दी गई। इस बीच ढाका की सड़कों पर बीएनपी और सत्ताधारी अवामी लीग के समर्थक लगातार एक दूसरे के खिलाफ रैलियां कर रहे हैं। अवामी लीग ने बीएनपी की यह मांग ठुकरा दी है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद अगले चुनाव से पहले अपने को राजनीति से अलग कर लें। अवामी लीग ने कहा है कि शेख हसीना के बिना कोई चुनाव नहीं होगा।
बीएनपी ने कहा है कि उसके आंदोलन में एक प्रमुख मांग यह होगी कि चुनाव से पहले देश में निष्पक्ष लोगों की कार्यवाहक सरकार बनाई जाए। इसके लिए वर्तमान सरकार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए और मौजूदा संसद को भंग कर दिया जाना चाहिए। बीएनपी के मुताबिक 18 जुलाई को देश भर में जुलूस निकाले जाएंगे, मगर खास रैली ढाका में होगी। बीएनपी का दावा है कि उसके इस अभियान को 36 अन्य दलों ने अपना समर्थन दिया है। पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा- ‘इस आंदोलन की घोषणा बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक एतिहासिक क्षण है। यह देश को आजाद कराने का एलान है। यह देश के खो गए लोकतंत्र को वापस पाने का अभियान है।’
बुधवार को ढाका नगर निगम ने रैलियों को नियंत्रित करने के कई नियमों का एलान किया था। इसके बावजूद पूरे शहर में अलग-अलग जगहों पर सभाएं हुईं। एक सभा में बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य गयेश्वर चंद्र रॉय ने कहा- ‘शेख हसीना जानती हैं कि उन्हें पद छोड़ना ही होगा। वे यह भी जानती हैं कि कौन-सा देश उन्हें वीजा देगा और कौन-सा नहीं। अब उनके साथ कोई समझौता नही होगा। शेख हसीना के शासन में रहते अब बांग्लादेश में चुनाव नहीं होंगे।’ बीएनपी नेताओं ने अपने अभियान को ‘अभी नहीं, तो कभी नहीं’ नाम दिया है।
इस बीच बांग्लादेश आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यहां अधिकारियों से मुलाकात हुई है। इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका की लोकतंत्र और मानव अधिकार मामलों की उप विदेश मंत्री उज़रा ज़ेया और अमेरिका के दक्षिण एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री डॉनल्ड लू शामिल हैं।
पर्यवेक्षकों की राय है कि बीएनपी इस यात्रा का लाभ उठाना चाहती है। वह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को यह संकेत देना चाहती है कि देश की ज्यादातर विपक्षी पार्टियों को शेख हसीना सरकार के तहत होने वाले चुनाव की निष्पक्षता में भरोसा नहीं है। अमेरिका बांग्लादेश की सियासी हालत पर पहले ही चिंता जता चुका है।