{"_id":"60d697bf8ebc3e834c0be794","slug":"australian-scientists-research-human-cells-most-suited-for-coronavirus","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोध: कोरोना के लिए इंसानी कोशिकाएं सबसे ज्यादा अनुकूल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
शोध: कोरोना के लिए इंसानी कोशिकाएं सबसे ज्यादा अनुकूल
Sat, 26 Jun 2021 08:28 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, मेलबर्न
एजेंसी, मेलबर्न
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 26 Jun 2021 08:28 AM IST
सार
- शोध में वैज्ञानिकों ने प्रत्येक प्रजाति के लिए एसीई2 प्रोटीन रिसेप्टर्स के कंप्यूटर मॉडल बनाने के लिए सभी जानवरों के जीनोमिक डाटा का उपयोग किया। फिर इन मॉडलों से कोरोना के स्पाइक प्रोटीन की एसीई2 प्रोटीन से बंधने की क्षमता आंकी गई।
विज्ञापन
human cells
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस के लिए चमगादड़ और पैंगोलिन के मुकाबले इंसानी कोशिकाएं सबसे ज्यादा अनुकूल हैं। यह दावा महामारी की उत्पत्ति जानने को लेकर हुए एक शोध में हुआ है।
विज्ञापन
अध्ययन में फ्लिइंडर्स यूनिवर्सिटी और ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की टीम ने एक कंप्यूटर मॉडल का इस्तेमाल करके कोरोना की इंसानों और 12 जानवरों को संक्रमित करने की क्षमता पता लगाई थी।
विज्ञापन
सबसे मजबूती से इंसानी कोशिका से बंधा कोरोना
शोध में वैज्ञानिकों ने प्रत्येक प्रजाति के लिए एसीई2 प्रोटीन रिसेप्टर्स के कंप्यूटर मॉडल बनाने के लिए सभी जानवरों के जीनोमिक डाटा का उपयोग किया। फिर इन मॉडलों से कोरोना के स्पाइक प्रोटीन की एसीई2 प्रोटीन से बंधने की क्षमता आंकी गई।
विज्ञापन
चमगादड़ से प्रसार फिर खड़ा हुआ सवाल
नतीजों में चमगादड़ और पैंगोलिन समेत अन्य पशु-प्रजातियों की तुलना में कोरोना मानव कोशिकाओं पर एसीई2 से अधिक मजबूती से बना हुआ मिला। ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड विंकलर के मुताबिक, इंसानों में सबसे मजबूत स्पाइक प्रोटीन बंधन से पता लगता है कि हम वायरस के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं।
स्पाइक प्रोटीन की एसीई2 प्रोटीन रिसेप्टर से बनने की क्षमता आंकी गई
कंप्यूटर मॉडलिंग में खास बात यह रही कि कोरोना की चमगादड़ के एसीई2 प्रोटीन को बांधने की क्षमता इंसान के मुकाबले कमजोर रही। ऐसे में कोरोना वायरस के सीधे चमगादड़ों से इंसान में प्रसारित होने पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।
इसके अलावा सभी जानवरों में से सिर्फ पैंगोलिन में स्पाइक प्रोटीन से बनने की सबसे ज्यादा ऊर्जा देखी गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर कोरोना की उत्पत्ति प्राकृतिक है और इंसान में यह किसी प्रजाति से आया है, तो उसे अभी ढूंढा जाना बाकी है। हालांकि इसके किसी प्रयोगशाला के लीक होने से इनकार नहीं किया जा सकता।