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Hindi News ›   World ›   Australia The new law on social media companies will tighten the noose on the trollers and will stop online trolling, if the victim goes to court could be forced to give out names and contact details

ऑस्ट्रेलिया: सोशल मीडिया कंपनियों पर बन रहे नए कानून से ट्रोलर्स पर कसेगा शिकंजा, पीड़ित अदालत जाए तो नाम और पता बताना होगा

Mon, 29 Nov 2021 07:41 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Mon, 29 Nov 2021 07:41 PM IST
सार


इस विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि यदि किसी नागरिक को लगता है कि किसी विशेष सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन पोस्ट की गई सामग्री से उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है। 

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Australia The new law on social media companies will tighten the noose on the trollers and will stop online trolling, if the victim goes to court could be forced to give out names and contact details
ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया कंपनियों पर लगेगी लगाम। - फोटो : Social Media

विस्तार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रोलर्स की गालीगलौज, अपमान भरे शब्द और दुर्व्यवहार से अक्सर लोग मानसिक तौर पर परेशान हो जाते हैं। महिलाओं को खासतौर पर दुष्कर्म और हत्या की धमकियां दी जाती हैं। लगभग हर देश में यह समस्या है और सोशल मीडिया कंपनियों से इस बात की शिकायत है कि वह ट्रोलर्स पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। सोशल मीडिया को ज्यादा जवाबदेह बनाने के मकसद से ऑस्ट्रेलिया सोशल मीडिया कंपनियों को लेकर नए नियम बना रहा है और इसके लिए संसद में विधेयक पेश करने की तैयारी हो रही है।
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उम्मीद है कानून का एक मसौदा इस सप्ताह जारी किया जाएगा और अगले साल इसे संसद में पेश किए जाएगा।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘सोशल मीडिया (बेसिक एक्पेक्टेशंस एंड डिफेमेशन) बिल 2021’ में फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अधिक जवाबदेही बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक में कहा गया है कि  यह सरकार को सोशल मीडिया सेवा की बुनियादी अपेक्षाओं को निर्धारित करने में सक्षम बनाएगा। नए कानूनों के तहत, सोशल मीडिया कंपनियों को ऑनलाइन ट्रोलिंग पर नकेल कसने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है जिसमें  गुमनाम उपयोगकर्ता अपनी पहचान छिपा कर किसी को ट्रोल करके उसे मानसिक रूप से परेशान करते हैं।
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स्कॉट मॉरिसन (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है “सुधारों से यह सुनिश्चित होगा कि सोशल मीडिया कंपनियों को प्रकाशक माना जाएगा और उनके प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई अपमानजनक या मानहानि वाली टिप्पणियों के लिए उन्हें उत्तरदायी ठहराया जा सकता है। यदि वे ट्रोल करने वाले के खिलाफ जानकारी देते हैं जिससे कि पीड़ित उसके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई कर सके तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इससे छूट मिल सकती है।

बयान में यह भी कहा गया है कि “सोशल मीडिया अक्सर कायरों की जगह होती है, जहां गुमनाम व्यक्ति परिणाम को जाने बिना किसी को धमका सकता है, परेशान कर सकता है या किसी का जीवन बर्बाद कर सकता है। प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन के बयान के अनुसार वह वास्तविक जीवन और ऑनलाइन दुनिया के बीच की खाई को पाटना चाहते हैं। वास्तविक दुनिया में मौजूद नियम डिजिटल और ऑनलाइन की दुनिया के लिए भी होने चाहिए। 

विधेयक में और क्या है?
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित विधेयक में ऑस्ट्रेलिया के लोगों को यह अधिकार मिलेग कि यदि उन्हें लगता है किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ किसी तरह की आपत्तिजनक या अपमानजनक पोस्ट की गई जिनसे उनकी मानहानि हुई है तो वे सोशल मीडिया कंपनी के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। 

इसके अलावा, वे सेवा प्रदाता को मानहानि का नोटिस भी दे सकेंगे। बशर्ते इसके लिए उन्हें इस बात का सबूत देना होगा कि ऑनलाइन पोस्ट से उनकी बदनामी हुई है। 
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सोशल मीडिया साइट्स - फोटो : AMAR UJALA
सोशल मीडिया कंपनियों को ट्रोलर की सहमति के बिना पीड़ित को उसकी पहचान का विवरण देना होगा, जिससे वह मानहानि का मामला दर्ज करा सके। 

विधेयक पारित होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक मानकीकृत शिकायत प्रणाली बनानी होगी जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि अपमानजनक टिप्पणियों को हटाया जा सके और ट्रोल करने वाले की पहचान की जा सके।
 
सोशल मीडिया कंपनियों को सभी उपयोगकर्ताओं का विवरण एकत्र करना होगा। अगर लोग कानूनी कार्रवाई करना चाहते हैं तो अदालतें कंपनियों को उपयोगकर्ताओं की पहचान सौंपने के लिए कह सकती है। 
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