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ऑस्ट्रेलिया : लोकप्रियता में पिछड़े प्रधानमंत्री मॉरीसन, विपक्ष पर हमले के लिए ले रहे 'चीन विरोध' का सहारा

Tue, 12 Apr 2022 01:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 12 Apr 2022 01:53 PM IST
सार

मॉरीसन ने रविवार को कहा- 'आप लेबर पार्टी पर कैसे भरोसा कर सकते हैं। जब वह 2007 से 2013 तक सत्ता में थी, तब बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत से बढ़ कर 5.7 फीसदी हो गई थी।' 

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Australia: Prime Minister Morrison, backward in popularity, is resorting to anti-China stand to attack the opposition
Australia Prime Minister Scott Morrison - फोटो : twitter

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने 21 मई को देश में संसदीय चुनाव कराने का एलान करने के बाद विपक्षी लेबर पार्टी पर कड़ा हमला शुरू कर दिया है। उन्होंने लेबर पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने के लिए उसे 'चीन समर्थक' बताने की मुहिम छेड़ी है। फिलहाल जनमत सर्वेक्षणों में मॉरीसन की लिबरल पार्टी विपक्षी लेबर पार्टी से पीछे चल रही है।

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मॉरीसन ने रविवार को कहा- 'आप लेबर पार्टी पर कैसे भरोसा कर सकते हैं। जब वह 2007 से 2013 तक सत्ता में थी, तब बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत से बढ़ कर 5.7 फीसदी हो गई थी।' उधर, राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा है कि मॉरीसन ने यह आरोप लगाते वक्त इस बात का जिक्र नहीं किया कि 2008-09 में आए वैश्विक वित्तीय संकट के असर से बेरोजगारी बढ़ी थी। मॉरीसन ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने कोरोना महामारी के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से संभाला है।
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54 फीसदी वोटर विपक्षी लेबर पार्टी के पक्ष में
अब तक जो संकेत हैं, उनसे नहीं लगता कि मतदाताओं का बहुमत मॉरीसन के इस दावे पर यकीन कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया में जारी ताजा जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक 54 फीसदी मतदाता लेबर पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। लिबरल पार्टी के पक्ष में फिलहाल 46 फीसदी मतदाता ही दिख रहे हैं। 
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सख्त लॉकडाउन पड़ रहा भारी
कोरोना महामारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया सरकार ने सख्त लॉकडाउन लागू किए। यह फैसला काफी अलोकप्रिय रहा है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इसीलिए मॉरीसन चीन को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं।
मॉरीसन ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने चीन के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है। उधर लेबर पार्टी भी यह संकेत देने की कोशिश कर रही है कि उसकी नीति भी चीन के खिलाफ उतनी ही सख्त है। पार्टी के नेता एंथनी अल्बानीज ने कुछ रोज पहले ही चीन की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा- 'अपने घरेलू और विदेशी दोनों रुख में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिखाया है कि वे बेरहम तानाशाह और उग्र राष्ट्रवादी हैं।' अल्बानीज ने यह भी कहा है कि उनकी पार्टी ऑकुस गठबंधन का समर्थन करती है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के अलावा ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। 
अल्बानीज के जरिए चीन पर साध रहे निशाना
साल 2017 में लेबर पार्टी के सीनेटर सैम देस्तयारी को एक चीनी कंपनी ने मदद दी थी। देस्तयारी ने तब दक्षिण चीन सागर विवाद में चीन के रुख का समर्थन किया था। अब मॉरीसन उसे मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने कहा- जिस समय रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया है, उस समय देश की सुरक्षा लेबर पार्टी के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने कहा- ‘अल्बानीज पूर्व प्रधानमंत्री गफ ह्विटलैम के बाद लेबर पार्टी के सर्वाधिक वामपंथी रूझान वाले नेता हैं।’ ह्विटलैम ने 1972 में चीन से ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई थी।

चीन के सरकार समर्थक अखबार ग्लोबल टाइम्स की एक टिप्पणी का भी मॉरीसन इस्तेमाल कर रहे हैं। बीते फरवरी में ग्लोबल टाइम्स ने कहा था- ऑस्ट्रेलियाई राजनीति इतनी बदहाल हो गई है कि अब मॉरीसन की तुलना में अल्बानीज चमकते हुए नेता नजर आते हैं। मॉरीसन ने इसे इस बात का संकेत बताया है कि लेबर पार्टी का चीन के प्रति रुख नरम है। 

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