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बच्चों के लिए सबसे क्रूर रहा साल 2017, यूनिसेफ ने जारी की रिपोर्ट
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Thu, 28 Dec 2017 06:05 PM IST
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यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) की एक रिपोर्ट में 2017 को दुनियाभर के बच्चों के लिए सबसे खतरनाक और क्रूर साल बताया गया है। दावा किया गया किया गया कि दुनिया के कई हिस्सो में मौजूदा समय में बच्चों की स्थिति बेहद खराब है और उन्हें मानव हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
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यही नहीं बच्चों को युद्ध, रेप, जबरन शादी और सेक्स गुलाम के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया। बच्चों का शोषण करने वाले संघर्षरत देशों में इराक, सीरिया, यमन, नाइजीरिया साउथ सूडान और म्यांमार जैसे देश शामिल हैं।
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रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन तमाम देशों में बच्चों को ढाल बनाकर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। इन देशों में मौजूद चरमपंथी समूह बच्चों को जबरन अपने नापाक मंसूबों के लिए इस्तेमाल करते हैं। उन्हें कई दिनों तक कैद करके रखा जाता है न ही खाना दिया जाता है। यही नहीं इन बच्चों को आत्मघाती हमलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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रिपोर्ट में बताया गया कि नाइजीरिया के आतंकी संगठन बोको हरम ने लगभग 135 बच्चों को आत्मघाती हमलावर के तौर पर इस्तेमाल किया। जबकि सोमालिया में 1800 से ज्यादा बच्चों को साल 2017 के पहले 10 महीने के लिए जबरन युद्ध में शामिल किया गया। वहीं साउथ सूडान में 2013 से अबतक 19,000 बच्चों को सेना में शामिल किया गया।
वहीं इस रिपोर्ट को जारी करने के बाद यूनिसेफ ने इसपर चिंता जाहिर करते हुए तमाम देशों से बच्चों के प्रति हो रही क्रूरता को खत्म करने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया है।