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चीन में उत्सुल मुसलमानों पर भी अत्याचार, हिजाब समेत पारंपरिक पहनावे पर प्रतिबंध
Mon, 28 Sep 2020 10:54 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 28 Sep 2020 10:54 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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उइगर मुसलमानों पर ज्यादतियों को लेकर आलोचना के घेरे में रहा चीन यहां के हैनान प्रांत में रहने वाले उत्सुल मुसलमानों पर भी अत्याचार कर रहा है। इनकी धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा रही है और कैमरों से नजर रखी जा रही है।
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इसके अलावा चीन ने उत्सुल मुसलमानों के पारंपरिक पहनावे पर भी रोक लगा दी है। बुरका, हिजाब, टोपी या दाढ़ी बढ़ाने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। धार्मिक चिह्न वाले पहनावे के साथ स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
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उत्सुल मुसलमान चीन में अल्पसंख्यक समुदाय में आते हैं। हैनान प्रांत के शहर सान्या में प्रमुख रूप से उत्सुल मुसलमान रहते हैं। इनकी आबादी करीब 10 हजार है। जिन इलाकों में इस समुदाय के लोग रहते हैं वहां की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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बता दें कि इस महीने की शुरुआत में सान्या के स्कूलों में छात्राओं के हिजाब पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। स्थानीय स्तर पर चीनी सरकार के इस फरमान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार एक उत्सुल मुस्लिम कार्यकर्ता का कहना है कि चीन सरकार ने आदेश दिया है कि कोई भी जातीय अल्पसंख्यक स्कूलों में पारंपरिक अरबी परिधान नहीं पहन सकता है। सार्वजनिक स्थानों के लिए भी ऐसा ही आदेश है।