फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Around 50 thousand incidents of sexual harassment occur in UK universities every year

ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में हर साल होती हैं यौन उत्पीड़न की करीब 50 हजार घटनाएं

Thu, 19 Nov 2020 04:36 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 19 Nov 2020 04:36 PM IST
सार

  • डर से शिकायत नहीं कर पाते पीड़ित, उत्पीड़न में कई जाने माने शिक्षाविद भी शामिल
  • अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों में 40 से 50 फीसदी छात्र-छात्राएं यौन उत्पीड़न के शिकार
  • यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान चलाने वाली कई संस्थाओं की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

विज्ञापन
Around 50 thousand incidents of sexual harassment occur in UK universities every year
Cambridge University - फोटो : For Refernce Only

विस्तार

इंग्लैंड और वेल्स के विश्वविद्यालयों में यौन उत्पीड़न की घटनाएं कितनी आम हैं, अब इसका खुलासा हुआ है। एक ताजा अध्ययन से ये सामने आया है कि यहां के विश्वविद्यालयों के प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम हैं। नतीजतन, हर साल यहां यौन उत्पीड़न की तकरीबन 50 हजार घटनाएं होती हैं। अध्ययन रिपोर्ट ‘अनसेफ स्पेसेजः एंडिंग सेक्सुअल एब्यूज इन यूनिवर्सिटीज’ नाम से प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि खासकर यूनिवर्सिटीज के स्पोर्ट्स क्लब ऐसी जगहें हैं, जहां यौन उत्पीड़न व्यापक रूप से होता है। इनमें खासकर रग्बी क्लबों का जिक्र किया गया है।

विज्ञापन


रिपोर्ट डरहम बिजनेस स्कूल के विजिटिंग प्रोफेसर और जीएमबी ट्रेड यूनियन के पूर्व सचिव जॉन एडमंड्स और शिक्षाशास्त्री इवा टटशेल ने मिलकर तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक यौन उत्पीड़न करने वालों में विश्वविद्यालयों के कर्मचारी और जाने-माने शिक्षाविद् भी शामिल रहते हैं। खासकर नामी शिक्षाविदों के खिलाफ कार्रवाई करने में विश्वविद्यालय प्रशासन काफी अनिच्छुक रहता है। माहौल इतना खराब है कि आम तौर पर पीड़ित छात्र-छात्राएं शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
विज्ञापन



जॉन एडमंड्स ने यहां के अखबार द गार्जियन से कहा कि निजी बातचीत में विश्वविद्यालयों के प्रशासक बड़ी संख्या में ऐसी घटनाएं होने की बात स्वीकार करते हैं। ये खुद उन प्रशासकों का अनुमान है कि 15 फीसदी छात्राएं और तीन फीसदी छात्र यूनिवर्सिटी में रहने के दौरान यौन उत्पीड़न का शिकार होते हैं। इसका मतलब हुआ कि हर साल 50 हजार छात्र-छात्राओं के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान चलाने वाली संस्थाओं का अनुमान तो इससे भी ज्यादा है। ऐसी एक संस्था ‘1752- ग्रुप’ से जुड़ी डॉ. अना बुल ने द गार्जियन से कहा कि अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में हुए अध्ययनों से पता चला है कि 40 से 50 फीसदी छात्र अपनी पढ़ाई के वर्षों में यौन उत्पीड़न का शिकार होते हैं। इसलिए इंग्लैंड में भी ये संख्या इतनी होगी, ये अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा- हर जगह की तरह उच्च शिक्षा संस्थानों में भी यौन हिंसा को अक्सर कम करके बताया जाता है, या इसका पूरा अंदाजा नहीं लगाया जाता। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में तो इस बारे में विस्तृत अध्ययन हुए हैं, लेकिन ब्रिटिश अधिकारियों ने ऐसे अध्ययन को प्रोत्साहित नहीं किया है।

ब्रिटेन के नेशनल यूनियन ऑफ स्टूडेंटेस के मुताबिक उसके 2018 के एक अध्ययन से पता चला था कि हर पांच में दो छात्रों को यौन दुराचार का सामना करना पड़ा। इनमें से हर आठ में एक घटना में दोषी यूनिवर्सिटी का कर्मचारी था। अब यूनिवर्सिटीज-यूके नाम के संगठन ने कहा है कि वह इसी साल छात्रों से दुराचार बारे में यूनिवर्सिटी स्टाफ को एक निर्देशिका जारी करेगा। उसने कहा है कि हर छात्र और कर्मचारी को सुरक्षित और सकारात्मक माहौल अवश्य मिलना चाहिए।


एडमंड्स और टटशेल ने इस प्रचलित समस्या की जांच की मांग की है, ताकि इसकी व्यापकता का पूरा अनुमान लगाया जा सके। उन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपसों में इस मामले के विशेषज्ञों की नियुक्ति और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्त्व देने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed