अर्जेंटीना ने कायम की मिसाल, करोड़पतियों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने का कानून बनाया
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अर्जेंटीना में राष्ट्रपति अल्बर्तो फर्नांडीज की सरकार ने एक साहसी कदम उठाया है। उसने देश के करोड़पतियों पर वेल्थ टैक्स लगाने का कानून बनाया है। इसे 'मिलेनियर टैक्स' भी कहा जा रहा है। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला उदाहरण है। अमेरिका सहित कई देशों में ऐसा टैक्स लगाने की बात पर बहस होती रही है, लेकिन ऐसा कदम अभी किसी और देश में नहीं उठाया गया है।
अर्जेंटीना की संसद के निचले सदन में सत्ताधारी गठबंधन का बहुमत है, इसलिए वहां बिल पारित आसानी से पारित हो गया। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा था कि ऊपरी सदन में इसे पास कराने में सरकार को दिक्कत आ सकती है क्योंकि विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। खास बात ये रही कि ऊपरी सदन में भी बिल 26 के मुकाबले 42 वोटों के बहुमत से पास हो गया।
एक बार में जमा कराना होगा टैक्स
इस कानून में उन लोगों पर खास टैक्स लगाने का प्रावधान है, जिनकी संपत्ति 25 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक है। इन लोगों को एक बार खास भुगतान करना होगा, जिसे अर्जेंटीना के मीडिया में 'सॉलिडरिटी पेमेंट' कहा जा रहा है। सरकार को इससे 3 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम जुटाए जाने की उम्मीद है। अर्जेंटीना कोरोना महामारी के कारण गहरे आर्थिक संकट में है। सरकार को इस हालत में आम लोगों की मदद के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है। इसके लिए ये रास्ता अपनाया गया है।
टैक्स का पैसा यहां खर्च किया जाएगा
कानून में यह साफ किया गया है कि यह टैक्स सिर्फ एक बार वसूला जाएगा। साथ ही इसमें ब्योरा दिया गया है कि जुटाई गई रकम को कैसे खर्च किया जाएगा। कानून के मुताबिक, रकम छोटे और मझौले कारोबारियों की मदद करने, शिक्षा परियोजना, छात्रों को वजीफा देने और मेडिकल उपकरणों की खरीद में खर्च होगी।
इस में कहा गया है कि 20 फीसदी रकम कोरोना वायरस के कारण बनी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने में खर्च की जाएगी। 20 प्रतिशत छोटे और मझौले कारोबार पर, 20 प्रतिशत छात्रों को वजीफा देने पर, 15 प्रतिशत सामाजिक विकास कार्यक्रमों पर और 25 प्रतिशत रकम प्राकृतिक गैस से जुड़ी परियोजनाओं पर खर्च होगी।
कानून के दायरे में 12 हजार लोग आएंगे
कानून में उन लोगों से ऊंची दर पर टैक्स वसूलने का प्रावधान है, जिन्होंने अपना धन विदेशों में जमा कर रखा है,लेकिन जो लोग अपना पूरा या आंशिक धन वापस लाने पर राजी हो जाएंगे, उन पर लगने वाले टैक्स की दर कम होगी। नए कानून के मुताबिक, विदेशों में रखे गए कुल घोषित धन का 5.25 प्रतिशत हिस्सा टैक्स के रूप में लिया जाएगा। अजेंटीना में रखे गए कुल घोषित धन पर 3.5 फीसदी का टैक्स लगेगा।
अनुमान है कि नए टैक्स के दायरे में नौ हजार से 12 हजार तक लोग आएंगे। अर्जेंटीना की आबादी लगभग साढ़े चार करोड़ है। वहां की लगभग 41 फीसदी आबादी फिलहाल गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजार रही है। बता दें कि अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था 2018 से मंदी का शिकार है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि इस साल इसमें 11 फीसदी की सिकुड़न आएगी।
इस सूरत में सामाजिक क्षेत्र में सरकारी खर्च बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सरकार ने इस दिशा में बढ़ने के लिए ही ये कदम उठाया है। लेकिन दक्षिणपंथी विपक्षी पार्टियों ने इस कदम को लोगों की संपत्ति जब्त करना बताया है। उनका कहना है कि नया कर लगाने के बजाय सरकार को पहले से जो कर मौजूद हैं, उनकी बेहतर ढंग से वसूली पर ध्यान देना चाहिए।
पूंजीपतियों ने विरोध किया, छोटे कारोबारियों ने स्वागत किया
पूंजीपति और धनी माने जाने वाला तबका भी नए कर प्रस्ताव का जोरदार विरोध कर रहे हैं। चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी संस्थाओं ने कहा है कि इससे अर्जेंटीना के उद्योग घरानों की निवेश और उत्पादन करने की क्षमता कमजोर हो जाएगी। लेकिन छोटे और मध्यम कारोबारियों के संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है।