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Sri Lanka: श्रीलंका में मंत्रियों की मनमानी अब नहीं चलेगी, सुविधाओं में कटौती का एलान; राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

Fri, 24 Jan 2025 10:49 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 24 Jan 2025 10:49 AM IST
सार

श्रीलंका में मंत्रियों की सुविधाओं को लेकर राष्ट्रपति दिसानायके ने एक परिपत्र जारी किया। इसके तहत मंत्रियों को मिलने वाली कई सारी सुविधाओं में कटौती की जाएगी, और जिम्मेदारियों को बढ़ाया जाएगा।

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Arbitrariness of ministers will no longer be tolerated in Sri Lanka, announcement of reduction in facilities
अनुरा कुमारा दिसानायके, श्रीलंका के राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

श्रीलंका में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को लेकर जारी विवाद के बीच राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने नया परिपत्र जारी किया है। इसके तहत श्रीलंकाई सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए नए कड़े नियम बनाए हैं। इन नियमों का उद्देश्य मंत्रियों के लिए राजनीति में विशेषाधिकारों पर नियंत्रण और जवाबदेही बढ़ाना है। 
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राष्ट्रपति अनुसार दिसानयके ने जारी किया परिपत्र
गुरुवार को राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके मंत्रियों के विशेषाधिकारों पर नियंत्रण के लिए एक परिपत्र जारी किया। इसमें बताया गया कि कैबिनेट और उप-मंत्रियों को सिर्फ दो सरकारी वाहनों तक सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा, उनके पेट्रोल भत्ते, ऑफिस, आवासीय और मोबाइल फोन के खर्च पर नई सीमाएं भी लगाई गई हैं।
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कैबिनेट में कर्मचारियों की सीमा तय
साथ ही जारी परिपत्र में मंत्रियों के लिए ऑफिस में कर्मचारियों की संख्यों को लेकर भी जिक्र किया गया। इसमें बताया गया कि कैबिनेट मंत्री के लिए 15 और उप-मंत्री के लिए 12 कर्मचारियों की सीमा तय की गई है। इसके अलावा, मंत्रियों के परिवार के सदस्य या करीबी रिश्तेदारों को महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर नियुक्त करने की अनुमति नहीं होगी।
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राजपक्षे विवाद के बीच राष्ट्रपति का आदेश
बता दें कि श्रीलंका सरकार द्वारा यह नियम विशेष रूप से पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को लेकर उठे विवाद के बीच आए हैं। राजपक्षे की सुरक्षा को दिसंबर में 300 से घटाकर 60 कर्मियों तक सीमित कर दिया गया था। साथ ही मामले में राष्ट्रपति दिसानायके ने आरोप लगाया कि राजपक्षे ने महंगे सरकारी आवास पर कब्जा किया है और कहा कि उन्हें उनका घर खाली करने और केवल पेंशन का एक तिहाई किराया देने को कहा जाएगा। 


विपक्ष का आरोप
इस बयान के बाद विपक्ष ने दिसानायके पर आरोप लगाया कि वह राजपक्षे से राजनीतिक बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं। मामले में विपक्ष का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति को जो विशेषाधिकार दिए गए हैं, वे संविधान में दर्ज हैं, जबकि नई सरकार का कहना है कि यह उनके चुनावी वादे को लागू करने का हिस्सा है।
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