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निजी जानकारियां ट्रैक कर चुनिंदा विज्ञापन देने के अनैतिक खेल को लेकर फेसबुक-एपल भिड़ी
Fri, 18 Dec 2020 07:29 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 18 Dec 2020 07:29 AM IST
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एपल कंपनी
- फोटो : Pixabay
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उपभोक्ताओं की निजी जानकारियों को ट्रैक कर उन्हें चुनिंदा विज्ञापन देने के लाखों-करोड़ के अनैतिक खेल को लेकर फेसबुक-एपल आपस में भिड़ गई हैं। फेसबुक कुछ नए बदलाव कर रही है, जिससे वह विज्ञापन कंपनियों के लिए यूजर्स को ट्रैक करने की सुविधा पा लेगी। फेसबुक ने कहा एपल 2021 की शुरुआत में आईफोन यूजर्स को यह विकल्प देगा कि वह विज्ञापन कंपनियों को उन्हें ट्रैक करने की अनुमति दें।
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एपल का पलटवार...कहा फेसबुक भी यही करता है
फेसबुक उपाध्यक्ष डेन लेवी ने अमेरिका के प्रमुख अखबारों में विज्ञापन देकर बताया वह 'फोर्टनाइट' गेम बनाने वाली कंपनी एपिक गेम्स द्वारा एपल के खिलाफ दायर स्पर्धारोधी मुकदमे में एपल से जुड़ी अंदरूनी सूचनाएं भी मुहैया कराने को तैयार है। हालांकि एपल को फेसबुक के इस रवैया की भनक लग गई थी। एपल ने कहा फेसबुक भी यही करता है। पिछले हफ्ते अप्रैल के सॉफ्टवेयर प्रमुख क्रेग फेडरिघी ने इस 'एप ट्रैकिंग ट्रांसपेरेंसी फीचर' को रोकने वाली कंपनियों को निजता में घुसपैठ की हिमायत करने वाली बताया था।
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पहले भी हुआ जुबानी युद्ध
एपल के मुखिया टीम कुक ने 2014 में बयान दिया था अगर किसी कंपनी की कमाई केवल लोगों की निजी जानकारियां जमा करके हो रही है तो मुझे लगता है कि यह हम सब के लिए चिंता की बात है। जवाब में मार्क जुकरबर्ग ने लिखा था, आपको लगता है आप एपल को भारी पैसा देते हैं? इसलिए वह आपके लिए सोचता है अगर वह आपके लिए सोचता तो अपने प्रोडक्ट्स को बहुत सस्ता नहीं कर देता?
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इसलिए चिढ़ा फेसबुक
खुद फेसबुक विज्ञापन देने के लिए इसी व्यवस्था को अपनाता है। वह भी इंटरनेट का हिमायती है लेकिन लोगों को टारगेटेड विज्ञापन यानी ऐसे किस्म के विज्ञापन जो ग्राहकों की निजी जानकारियों व डाटा पर आधारित होते हैंं, दिखाने के लिए कंपनियों से पैसा लेता है। उदाहरण के लिए अगर किसी के घर बच्चे का जन्म हुआ तो बेबी केयर प्रोडक्ट्स के विज्ञापन उसे अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर नजर आने लगेंगे। एपल द्वारा किए जा रहे बदलाव इन विज्ञापनों में घुसपैठ समझे जा रहे हैं।
10 राज्यों के अटॉर्नी जनरलों ने दर्ज कराया मुकदमा
गूगल की अमेरिका में मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इंटरनेट सर्च में प्रतिस्पर्धा खत्म करने के मामले के बाद अब कंपनी पर ऑनलाइन विज्ञापनों में अपना प्रभुत्व जमाने के लिए अवैध तरीके अपनाने का आरोप लगा है। इसे लेकर बुधवार को 10 राज्य का अटॉर्नी जनरलों ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा ठोका है।
राज्य अभियोजकों का कहना है कि गूगल ने न सिर्फ विज्ञापनदाताओं से ज्यादा कीमत वसूली बल्कि चुनौती देने की कोशिश करने वाले प्रतिद्वंद्वियों को भी समाप्त कर दिया। इस मामले में अभियोजकों ने कंपनी के ढांचे में परिवर्तन समेत उस पर जुर्माना लगाने की मांग की है।