एंटीगुआ के मंत्री बोले: मेहुल चोकसी ने नागरिकता पाने के लिए दी थी झूठी जानकारी
एंटीगुआ से सूचना मंत्री मेलफोर्ड निकोलस ने मंगलवार को भगोड़े कारोबारी और पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) में 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी को लेकर बात की। बता दें कि चोकसी को कैरिबियाई द्वीपीय देश में कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए 23 मई को गिरफ्तार किया गया था।
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मेलफर्ड निकोलस ने कहा कि जब मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता के लिए आवेदन किया था, तब उसका नाम ऐसी किसी भी एजेंसी के सामने नहीं आया था, जिससे हमें यह पता चल सकता कि उसके खिलाफ कोई आरोप थे या नहीं।
उन्होंने बताया कि हमने उसे (मेहुल चोकसी) इस आधार पर रखा था कि उसने झूठी घोषणा की है। इसके बाद हमने उसकी नागरिकता रद्द करने की दिशा में कदम उठाया। मेहुल चोकसी हमारे इस कदम को अदालत में चुनौती दे चुका है।
We had him (Mehul Choksi) under the point that he made a false declaration & moved to rescind his citizenship. He has challenged it in the court: Antigua Information Minister Melford Nicholas (2/2)
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 8, 2021
बता दें कि डोमिनिका में बीते दिनों सुनवाई के दौरान पीएनबी घोटाला मामले में वांछित चोकसी ने मजिस्ट्रेट के समक्ष कहा था कि उसका अपहरण किया गया है और उसे पड़ेासी देश एंटीगुआ तथा बारबुडा से जबरन डोमिनिका लाया गया है।
चोकसी के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा: डोमिनिका
डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने कहा है कि भारतीय नागरिक मेहुल चोकसी के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा और आगे की कार्रवाई के बारे में अदालत फैसला करेगी। चोकसी के एंटीगुआ और बारबुडा से रहस्यमयी ढंग से गायब होने के बाद 23 मई को डोमिनिका में पकड़े जाने के बाद स्केरिट ने बीते दिनों पहली बार सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए यह बात कही। एक स्थानीय मीडिया संस्थान ने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि चोकसी के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, इसका फैसला अदालत करेगी।