{"_id":"5ec33e608ebc3e90354c70b2","slug":"antibody-cocktail-may-prevent-corona-virus-infection","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंटीबॉडी का कॉकटेल कोरोना वायरस संक्रमण को रोक सकता है: अध्ययन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
एंटीबॉडी का कॉकटेल कोरोना वायरस संक्रमण को रोक सकता है: अध्ययन
Tue, 19 May 2020 07:33 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 19 May 2020 07:33 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना की दवा खोज रहे वैज्ञानिकों का मानना है कि एंटिबॉडी के मिश्रण से कोरोना वायरस को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है। अध्ययन के मुताबिक 2002-03 में एसएआरएस महामारी से स्वस्थ हुए पीड़ित व्यक्ति की एंटीबाडी का इसके लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
विज्ञापन
जर्नल नेचर में छपे इस अध्ययन में कहा गया है कि एसएआरएस से ठीक हुए व्यक्ति के शरीर में उत्पन्न एंटीबॉडी वायरस को निष्क्रिय कर सकती है। इससे एंटी वायरल उपचारों के साथ ही टीका विकसित करने में मदद मिलेगी। अध्ययन में शामिल अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के शोधकर्ता ने कहा कि खास तरह की एंटीबॉडी विशेष प्रोटीन पर निशाना साध सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इन मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की पहचान होने से जो कोरोना वायरस, एसएआरएस-सीओवी -2 और इसी तरह के अन्य वायरस पर पाए जाने वाले स्पाइक प्रोटीन से बांध सकते हैं, कोविड-19 के इलाज या रोकथाम के प्रयासों में मदद कर सकते हैं। अध्ययन में डेविड कोर्टी और उनके सहयोगियों ने एसएआरएस 2002-03 से ठीक हुए पीड़ित में मौजूद मोनोक्लोनल एंटीबाडी की पहचान की है।
विज्ञापन