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Britain: कंजरवेटिव पार्टी के नेता पद की दौड़ में ट्रांसजेंडर विरोधी दिखने की लगी है तीखी होड़

Wed, 20 Jul 2022 05:24 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 20 Jul 2022 05:24 PM IST
सार

नेता पद की होड़ में पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक सबसे आगे चल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपना जो नीति कार्यक्रम पेश किया है, उसमें ट्रांसजेंडर विरोधी बाते हैं। एक ट्विटर पोस्ट में सुनक ने कहा कि वे ‘महिला अधिकारों’ का संरक्षण करेंगे। उनके एक सहयोगी ने यह स्पष्ट किया है कि सुनक जेंडर न्यूट्रल (लिंग पहचान ना करने वाली) भाषा के बढ़ते उपयोग के खिलाफ हैं...

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Anti-transgender sentiments are being expressed openly during the ongoing process of electing a new leader in
पेनी मॉरडॉन्ट, ऋषि सुनक और लिज ट्रुस। - फोटो : Social Media

विस्तार

ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी में नया नेता चुनने की चल रही प्रक्रिया के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय विरोधी भावनाएं खुल कर जताई जा रही हैं। जानकारों ने इसे कंजरवेटिव पार्टी के ‘वॉर ऑन वोक’ (नव चेतना आंदोलन के खिलाफ युद्ध) का हिस्सा बताया है। फिलहाल नेता पद की होड़ में पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक सबसे आगे चल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपना जो नीति कार्यक्रम पेश किया है, उसमें ट्रांसजेंडर विरोधी बाते हैं। एक ट्विटर पोस्ट में सुनक ने कहा कि वे ‘महिला अधिकारों’ का संरक्षण करेंगे। उनके एक सहयोगी ने यह स्पष्ट किया है कि सुनक जेंडर न्यूट्रल (लिंग पहचान ना करने वाली) भाषा के बढ़ते उपयोग के खिलाफ हैं। उस सहयोगी ने बिना अपनी पहचान जाहिर किए ब्रिटिश अखबार डेली मेल से बातचीत में कहा कि सुनक महिला खेल स्पर्धाओं में ट्रांसजेंडर महिलाओं के भाग लेने का विरोध करेंगे। साथ ही वे लिंग और जेंडर संबंधी मुद्दों की पढ़ाई के मामले में स्कूलों को सतर्क करेंगे।

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अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन की वेबसाइट पर छपे एक विश्लेषण के मुताबिक पूर्व बोरिस जॉनसन सरकार ने ‘कल्चर वॉर’ से जुड़े मुद्दों पर रूढ़िवादी रुख का समर्थन किया था। खास कर कोरोना महामारी के दौरान उसने अपनी परंपरा-रक्षक छवि पेश करने की कोशिश की। अब नया प्रधानमंत्री बनने की होड़ में शामिल नेता भी उसी सोच को आगे बढ़ाते दिख रहे हैं। ऋषि सुनक की सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी बन कर उभरीं पेनी मॉरडॉन्ट से बीते हफ्ते पत्रकारों ने पूछा कि क्या वे ट्रांसजेंडर अधिकार जैसे कल्चर वॉर से जुड़े मुद्दों को उठाना जारी रखेंगी। इस पर उन्होंने कहा- ‘जो मुद्दे सामने तैर रहे हैं, उनका मैं सामना करुंगी।’ मॉरडॉन्ट अतीत में ट्रांसजेंडर अधिकारों का समर्थन कर चुकी हैं। तब उन्होंने कहा था कि ट्रांस-महिलाएं भी महिला हैं। लेकिन बीते रविवार को उन्होंने दस ट्विट्स के एक थ्रेड के जरिए यू-टर्न ले लिया। उसमें उन्होंने कहा- ‘ट्रांस महिलाएं कानूनी तौर पर भले महिला मानी जाएं, लेकिन उसका यह अर्थ नहीं है कि वे मेरी तरह बायोलॉजिकल महिला हैं।’

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नेता पद की होड़ में विदेश मंत्री लिज ट्रुस तीसरे नंबर पर चल रही हैं। उन्होंने भी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए लिंग परिवर्तन के अवसर को आसान बनाने का विरोध किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मॉरडॉन्ट के ट्रांसजेंडर समर्थक पुराने रुख को सबसे ज्यादा प्रचारित ट्रुस के समर्थक ही कर रहे हैं। कंजरवेटिव पार्टी के कई नेताओं ने हाल में नस्लभेद विरोधी अभियानों का भी विरोध किया है। उनमें पूर्व मंत्री केमी बैडेनोच भी शामिल हैं। बैडेनोच भी इस बार नेता पद की होड़ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने देश के वित्तीय विनियामक से अपील की वह ट्रांसजेंडर समर्थक नीतियों को अपनाना छोड़ दे।

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कंजरवेटिव नेताओं के इस रख से एलजीबीटीक्यू (समलैंगिक और ट्रांसजेंडर) समुदाय के लोग दुखी हैं। एलजीबीटीक्यू अधिकार समूह- स्टोनवॉल की प्रमुख नैंसी केली ने सीएनएन से कहा- ‘मैंने अपने जीवनकाल में कभी ऐसा नहीं देखा, जब नेता के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान एलजीबीटीक्यू अधिकारों पर इतना ध्यान केंद्रित रहा हो। ब्रिटेन की जनता उससे कहीं ज्यादा सहिष्णु है, जितना समझा जा रहा है।’

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