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अमेरिका और कनाडा में हुए चीन विरोधी प्रदर्शन, ब्रिटेन ने भी उठाया उइगर मुस्लिम महिलाओं की नसबंदी का मुद्दा

Tue, 21 Jul 2020 02:39 AM IST
अवधेश कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन/टोरंटो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन/टोरंटो Published by: अवधेश कुमार Updated Tue, 21 Jul 2020 02:39 AM IST
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Anti China protests in america and Canada
File Photo - फोटो : ANI
भारतीय सीमा पर चीनी गतिविधियों के अलावा चीन की विस्तारवादी नीति के विरुद्ध और हांगकांग व तिब्बत के मुद्दों पर दुनिया भर में विरोध जारी है। इसी कड़ी में अमेरिका और कनाडा में लोगों ने चीन के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। वाशिंगटन में भारतवंशियों ने चीनी दूतावास के सामने प्रदर्शन किया तो टोरंटो में चीन के वाणिज्य दूतावास के बाहर कई जगहों से आए लोगों ने विरोध जताया।
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टोरंटो में चीन के खिलाफ बोलते हुए प्रदर्शनकारियों ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) से तिब्बत और हांगकांग को मुक्त करने की अपील की और भारत की लद्दाख सीमा पर चीनी हमले का भी विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने कनाडा सरकार से कनाडा में चीनी सामानों का बहिष्कार करने का आग्रह भी किया। उन्होंने चीन द्वारा बंधक बनाए दो कनाडाई लोगों की रिहाई के लिए विश्व बिरादरी से दखल को कहा। 
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प्रदर्शन करने वालों ने चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ होने वाले मानवाधिकार उल्लंघन के विरुद्ध भी आवाज उठाई। इसके अलावा वाशिंगटन में भारतीय मूल के लोगों ने लद्दाख में एलएसी पार करने की चीनी कोशिशों पर नाराजगी जताई। भारतवंशियों ने एशिया में दादागीरी दिखाने और दुनिया में संक्रमण फैलाने का आरोप भी लगाया। वाशिंगटन में चीनी दूतावास के सामने चीन विरोधी पोस्टर-बैनर भी लहराए गए।
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पूर्व चीनी राष्ट्रपति के बेटे का कंपनी से कनाडा में करार रद्द करने पर विचार

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदो और विदेश मंत्री फ्रांकोइस-फिलिप ने कहा है कि चीन सरकार के मालिकाना हक वाली कंपनी से खरीदे गए करीब 68 लाख डॉलर वाले सुरक्षा उपकरणों की के सौदे की समीक्षा की जाएगी। चीनी कंपनी न्यूंटेक ने ग्लोबल अफेयर्स कनाडा (जीएससी) के साथ यह समझौता किया है जिसके तहत कनाडा के दूतावासों को सुरक्षा दी जाएगी। न्यूंटेक कंपनी पर चीन सरकार का अधिकार है और कंपनी के रिश्ते चीन की सत्ताधारी पार्टी से काफी करीबी हैं। कनाडा के एक अखबार के मुताबिक इस कंपनी की शुरुआत सीसीपी के पूर्व महासचिव और चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओं के बेटे ने की थी।
 

ब्रिटेन ने भी उठाया उइगर मुस्लिम महिलाओं की नसबंदी का मुद्दा

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बाद ब्रिटिश विदेश मंत्री डोमनिक राब ने भी चीन में उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। राब ने इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनके विरुद्ध प्रतिबंध लगाने से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, चीन में मुस्लिम समूह की जबरन नसबंदी और बड़े पैमाने पर उत्पीड़न किए जाने की रिपोर्टें हैं। उन्होंने जोर दिया कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ इस पर उचित कार्रवाई करेगा।
 

चीन को जवाब देने के लिए डेनमार्क की यात्रा करेंगे पोम्पियो

चीन की धमकी के बाद अमेरिकी विदेशी मंत्री माइक पोम्पियो हांगकांग और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सोमवार (स्थानीय समय) को यूनाइटेड किंगडम और डेनमार्क की यात्रा करेंगे। राज्य सचिव ने पिछले पिछले सप्ताह घोषणा करते हुए कहा था कि जब तक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ऐसी हरकतें करती रहेंगी, जैसा वे लंबे समय से करती रही हैं तो उन्हें ऐसा जवाब मिलेगा जैसा पहले कभी नहीं मिला। ऐसा सिर्फ अमेरिका की ओर से नहीं होगा, बल्कि दुनिया की सभी आजादी पसंद लोकतंत्र उसे जवाब देंगे। लंदन में वह प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और विदेश सचिव डॉमिनिक रैब के साथ मुलाकात करेंगे।

लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वोंग विधानसभा में चाहते हैं सीट

लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वोंग ने सोमवार को हांगकांग में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारी के पर्चे दाखिल किए, जहां नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून विपक्षी उम्मीदवारों को सीटें लेने से रोक सकता है।
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