{"_id":"62eec838df7703189f544182","slug":"another-drone-fires-missiles-in-afghanistan-days-after-al-qaeda-chief-ayman-al-zawahiri","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"US Drone Strike: अफगानिस्तान में फिर अमेरिकी ड्रोन हमला, आतंकी अल जवाहिरी के बाद एक और 'लक्ष्य' तबाह","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US Drone Strike: अफगानिस्तान में फिर अमेरिकी ड्रोन हमला, आतंकी अल जवाहिरी के बाद एक और 'लक्ष्य' तबाह
Sun, 07 Aug 2022 01:29 AM IST
Jeet Kumar
एएनआई, काबुल/ इस्लामाबाद
एएनआई, काबुल/ इस्लामाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 07 Aug 2022 01:29 AM IST
सार
Drone Missiles: तालिबान (Taliban) ने कहा कि दागी गई मिसाइलों के लक्ष्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं एक पत्रकार मुश्ताक यूसुफजई ने तालिबान सूत्रों के हवाले से घटना की पुष्टि की है।
विज्ञापन
Missile Attack
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान के काबुल में अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के कुछ दिनों बाद अफगानिस्तान (Afghanistan) के गजनी प्रांत के अंदारो इलाके में ड्रोन से मिसाइलें दागी गईं हैं। माना जा रहा है कि यह हाई वैल्यू टारगेट मिसाइलें थीं। हालांकि तालिबान का कहना है कि मिसाइल हमले के बारे कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
पत्रकारों ने किया दावा
पाकिस्तान की पत्रकार सुमैरा खान ने एक ट्वीट में लिखा कि अफगानिस्तान के गजनी प्रांत के अंदारो इलाके में कथित तौर पर ड्रोन से दागी गई मिसाइलें ने हाई प्रोफाइल लक्ष्य को निशाना बनाया। वहीं तालिबान ने कहा कि लक्ष्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है। एक अन्य पत्रकार मुश्ताक यूसुफजई ने तालिबान सूत्रों के हवाले से घटना की पुष्टि की है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान में तालिबान के सूत्रों ने कहा कि शनिवार शाम एक ड्रोन ने मिसाइल दागी और अफगानिस्तान के गजनी प्रांत के अंदारो इलाके में एक लक्ष्य को निशाना बनाया है। तालिबान ने कहा कि लक्ष्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा
राष्ट्रपति जो बाइडन ने दुनिया को संबोधित कर बताया था कि अमेरिका ने आतंकवादी संगठन अल कायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी (Ayman al-Zawahiri killed) को एक ड्रोन हमले (Drone strike) में मार गिराया। बता दें कि साल 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल कायदा को यह अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। अल-जवाहिरी दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक था और 11 सितंबर, 2001 के हमलों के मास्टरमाइंड को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अमेरिका द्वारा ड्रोन हमले में मार गिराया।
राष्ट्रपति बाइडन ने कही थी ये बात
वहीं राष्ट्रपति बाइडन ने कहा था कि अलकायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी काबुल में एक हवाई हमले में मारा गया है। साफ है अगर आप हमारे लोगों के लिए खतरा हैं, तो अमेरिका आपको ढूंढेगा और बाहर निकालेगा, आप चाहे कहीं भी छिप जाएं, चाहे कितना भी समय लगे।
ओसामा बिन लादेन का डॉक्टर था जवाहिरी
जवाहिरी मिस्र का एक सर्जन था, जो अमेरिका के 9/11 हमले में शामिल था। साथ ही उसने ओसामा बिन लादेन के निजी चिकित्सक के रूप में भी काम किया था। ड्रोन हमले के समय जवाहिरी काबुल में अपनी बालकनी था। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि अल-जवाहिरी हमले में मारा गया एकमात्र व्यक्ति था और उसके परिवार का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ था। यह हमला अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) द्वारा किया गया था और इसमें वायु सेना के ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था।
जवाहिरी की हत्या में पाकिस्तानी वायुक्षेत्र उपयोग का लगा आरोप
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता फवाद चौधरी ने शनिवार को सरकार से पूछा कि अमेरिका ने ड्रोन हमला कर अफगानिस्तान के काबुल में अल-कायदा आतंकी अल-जवाहिरी को मार गिराने में क्या पाकिस्तानी वायुक्षेत्र का उपयोग किया था। उन्होंने मंत्रालय से इस संबंध में औपचारिक बयान जारी करने की मांग भी की।
इमरान खान की पार्टी के नेता फवाद ने यह सवाल तब उठाया है, जबकि पाकिस्तानी सेना इस बात से इनकार कर चुकी है। सेना ने कहा था, ऐसे किसी भी मकसद के लिए पाकिस्तानी भूमि के उपयोग का सवाल ही नहीं उठता। एक ट्वीट में चौधरी ने कहा, पाकिस्तानी जमीन का उपयोग न होेने का दावा स्पष्ट नहीं है। सवाल यह है कि पाकिस्तानी वायुक्षेत्र का उपयोग हुआ या नहीं। इससे पहले फवाद ने पूछा था कि क्या पाकिस्तान फिर से अल-कायदा के खिलाफ अमेरिका का औजार बनने जा रहा है। एजेंसी
दो बार मेरी हत्या की साजिश रच चुका पाकिस्तान : सालेह
अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने शनिवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी एजेंसियां दो बार उनकी हत्या की साजिश रच चुकी हैं। ट्विटर से बातचीत में सालेह ने कहा, इन दो हमलों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
सालेह ने पाकिस्तानी सेना पर साइबर आतंकवाद का आरोप लगाते हुए ट्विटर से उसे सोशल मीडिया पर बैन करने की मांग की। अमरुल्लाह सालेह को ट्विटर ने पत्र लिखकर कहा था कि पारदर्शिता के लिए हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि पाकिस्तानी कानून प्रवर्तन विभाग ने आपके ट्विटर खाते को यह कहकर प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया है कि यह उसके कानून का उल्लंघन करता है। हालांकि ट्विटर ने सालेह के खाते पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई से यह कहकर इनकार कर दिया कि वह अपने उपयोगकर्ताओं के आवाज उठाने के अधिकार का सम्मान करता है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता फवाद चौधरी ने शनिवार को सरकार से पूछा कि अमेरिका ने ड्रोन हमला कर अफगानिस्तान के काबुल में अल-कायदा आतंकी अल-जवाहिरी को मार गिराने में क्या पाकिस्तानी वायुक्षेत्र का उपयोग किया था। उन्होंने मंत्रालय से इस संबंध में औपचारिक बयान जारी करने की मांग भी की।
इमरान खान की पार्टी के नेता फवाद ने यह सवाल तब उठाया है, जबकि पाकिस्तानी सेना इस बात से इनकार कर चुकी है। सेना ने कहा था, ऐसे किसी भी मकसद के लिए पाकिस्तानी भूमि के उपयोग का सवाल ही नहीं उठता। एक ट्वीट में चौधरी ने कहा, पाकिस्तानी जमीन का उपयोग न होेने का दावा स्पष्ट नहीं है। सवाल यह है कि पाकिस्तानी वायुक्षेत्र का उपयोग हुआ या नहीं। इससे पहले फवाद ने पूछा था कि क्या पाकिस्तान फिर से अल-कायदा के खिलाफ अमेरिका का औजार बनने जा रहा है। एजेंसी
दो बार मेरी हत्या की साजिश रच चुका पाकिस्तान : सालेह
अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने शनिवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी एजेंसियां दो बार उनकी हत्या की साजिश रच चुकी हैं। ट्विटर से बातचीत में सालेह ने कहा, इन दो हमलों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
सालेह ने पाकिस्तानी सेना पर साइबर आतंकवाद का आरोप लगाते हुए ट्विटर से उसे सोशल मीडिया पर बैन करने की मांग की। अमरुल्लाह सालेह को ट्विटर ने पत्र लिखकर कहा था कि पारदर्शिता के लिए हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि पाकिस्तानी कानून प्रवर्तन विभाग ने आपके ट्विटर खाते को यह कहकर प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया है कि यह उसके कानून का उल्लंघन करता है। हालांकि ट्विटर ने सालेह के खाते पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई से यह कहकर इनकार कर दिया कि वह अपने उपयोगकर्ताओं के आवाज उठाने के अधिकार का सम्मान करता है।