{"_id":"5da3eda48ebc3e015966587a","slug":"an-all-female-delta-team-flew-120-girls-to-nasa-to-get-them-excited-about-aviation-careers","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैंगिक भेदभाव मिटाने के लिए एयरलाइन की अनोखी पहल, 120 लड़कियों को कराई नासा की सैर","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
लैंगिक भेदभाव मिटाने के लिए एयरलाइन की अनोखी पहल, 120 लड़कियों को कराई नासा की सैर
Mon, 14 Oct 2019 05:40 PM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 14 Oct 2019 05:40 PM IST
सार
- अमेरिका की डेल्टा एयरलाइन ने 12 से 18 साल की बच्चियों को कराई सैर
- नासा की सैर के दौरान छात्राओं ने एयरोस्पेस इंजीनियर जैनेट एप्स के साथ बिताया समय
- विमानन उद्योग, गणित और विज्ञान में रुचि बढ़ाने के लिए आयोजित की गई थी यात्रा
- अंतरराष्ट्रीय महिला उड्डयन दिवस पर कराई गई यात्रा का मकसद लैंगिक भेदभाव मिटाना था
विज्ञापन
डेल्टा एयरलाइन
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका की डेल्टा एयरलाइन का हवाईजहाज वैसे तो हर रोज सॉल्ट लेक सिटी से ह्यूस्टन के लिए उड़ान भरता है, लेकिन हाल ही में उसकी एक उड़ान थोड़ी अलग थी। इस उड़ान में 120 लड़कियां शामिल थीं, उन्हें ह्यूस्टन में नासा के केंद्र भी ले जाया गया ताकि वे विमानन उद्योग की कार्यप्रणाली और गणित व विज्ञान संबंधी विषयों के प्रति अपनी समझ व रुचि बढ़ा सकें। दरअसल डेल्टा एयरलाइन ने अंतरराष्ट्रीय महिला उड्डयन दिवस के उपलक्ष्य में लैंगिक भेदभाव मिटाने का संदेश देने के लिए यह पहल की थी।
विज्ञापन
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बीते सप्ताह कराई गई इस यात्रा में नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ले जाने के लिए डेल्टा एयरलाइन ने 12 से 18 वर्ष की आयु वाली लड़कियों को चुना था। एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि इस आयोजन का मकसद पुरुष प्रधान क्षेत्र में महिलाओं को भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना था। डेल्टा ने कहा कि यात्रा करने वाली साइंस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग मैथ स्कूल (एसटीईएम) से आई इन लड़कियों ने इस दौरान उड़ान से संबंधित सभी पहलुओं को बारीकी से समझा और जाना।
विज्ञापन
इस यात्रा के दौरान विमान चालक दल, क्रू सदस्य, रैंप एजेंट, गेट एजेंट तक की सभी जिम्मेदारियां महिलाओं ने ही निभाईं। यही नहीं नियंत्रण कक्ष से भी महिलाओं ने ही विमान चालक दल को निर्देश दिए। छात्राओं ने ह्यूस्टन में नासा के मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष से लेकर जॉनसन स्पेस सेंटर तक की सैर की। उन्होंने यहां अंतरिक्ष यात्री और एयरोस्पेस इंजीनियर जैनेट एप्स के साथ दोपहर का भोजन भी किया। डेल्टा के पायलट डेवलपमेंट कार्यक्रम के महाप्रबंधक बेथ पूले ने कहा कि हम जानते हैं कि प्रतिनिधित्व का मामला काफी मायने रखता है। हमारा मानना है कि आपको इसे इसी ढंग से होते हुए देखना होगा।
विज्ञापन
बेथ ने ही साल 2015 में इस आयोजन की शुरुआत की थी। पूले ने कहा कि हमने कम उम्र में लड़कियों को उनकी प्रतिभा उभारने के लिए एक मंच प्रदान करने का बीड़ा उठाया है ताकि वे अगले 10 साल में डेल्टा एयरलाइन के संचालन में भूमिका निभाकर अगली पीढ़ी को प्रेरणा दे सकें।
विमानन कंपनी डेल्टा ने कहा कि उसके पायलटों में पांच फीसदी महिलाएं हैं, जिनमें से 7.4 फीसदी को पिछले चार सालों के दौरान नियुक्ति दी गई है। इस क्रम में महिला उड्डयन दिवस एक वैश्विक प्रयास है। आयोजकों के अनुसार पूरे अमेरिका में करीब 20 हजार लोगों ने, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया यहां तक कि अफ्रीका, एशिया और यूरोप के देशों में भी लोगों ने इस दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।