India-Pakistan Tension: परमाणु हथियार पाक में सुरक्षित? भारत ने उठाई निगरानी की मांग तो पड़ोसी ने दी ये दलील
क्या परमाणु हथियार पाकिस्तान में सुरक्षित है? इस बात पर जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के द्वारा पाकिस्तानी परमाणु हथियार की आईएईए निगरानी की मांग पर आतंकियों का पनाहगाह पड़ोसी बौखला उठा है। जिसके बाद पाकिस्तान ने दलील दी है कि उसके परमाणु हथियार पूरी तरह सुरक्षित हैं।
विस्तार
आतंकवादियों का पनाहगाह पाकिस्तान अब एक बार फिर गीदड़भभकी पर उतर गया है। जहां पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि उसके परमाणु हथियारों की सुरक्षा प्रणाली और कमांड एंड कंट्रोल स्ट्रक्चर पूरी तरह मजबूत और भरोसेमंद हैं। विदेश मंत्रालय ने यह बयान एक मीडिया सवाल के जवाब में दिया, जिसमें पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारे पास एक मजबूत और व्यापक परमाणु सुरक्षा व्यवस्था है, और हमें अपने कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम पर पूरा भरोसा है।
बता दें कि यह बयान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में होने चाहिए क्योंकि ऐसे गैर-जिम्मेदार देश में वे सुरक्षित नहीं हैं।
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संघर्ष विराम पर पाकिस्तान
इसके साथ ही पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि भारत के साथ संघर्ष विराम जारी है और हम इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पाकिस्तान इस संघर्ष विराम को सफल बनाने और तनाव कम करने तथा फिर स्थिरता और मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
खान ने यह भी कहा कि दोनों सेनाओं के पास सैन्य संचालन महानिदेशकों के माध्यम से संचार का एक चैनल है, जिसके जरिये वे सैनिकों की आवाजाही के संदर्भ में तनाव कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 10 मई को घोषित संघर्ष विराम के लिए प्रतिबद्ध है और हाल ही में दोनों पक्षों ने तनाव कम करने और स्थिरता की वापसी के लिए कदम उठाए हैं।
ईरान और मिस्र के राष्ट्रपतियों से शहबाज ने की बातचीत
पाकिस्तान के विदेश मंत्रायल ने आगे बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान और मिस्र के राष्ट्रपतियों से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की हर हाल में रक्षा करेगा। साथ ही उन्होंने भारत पर सिंधु जल संधि पर अपनी बेहाली दिखाते हुए कहा कि सिंधु जल संधि एकतरफा रोकने की कोशिश का आरोप लगाया और जम्मू-कश्मीर विवाद को दक्षिण एशिया में अस्थिरता की जड़ बताया।
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पीएम नरेंद्र मोदी ने दी थी चेतावनी
हालांकि इससे पहले प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा था कि भारत परमाणु ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं करेगा और सीमा पार आतंकवाद का सख्ती से जवाब देगा। दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई।
इसके बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। जवाब में पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमलों की कोशिश की, जिसका भारत ने कड़ा जवाब दिया। 10 मई को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद ये टकराव फिलहाल थम गया है।
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