पाकिस्तान: इमरान समर्थकों के पहुंचने के पहले ही सुरक्षा बलों ने इस्लामाबाद पर डाला घेरा
‘आजादी मार्च’ का मुकाबला करने के मकसद से इस्लामाबाद में सोमवार को दिन भर सत्ताधारी नेताओं की बैठकें चलती रहीं। सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दलों की एक बैठक हुई, जिसमें सभी दलों ने दबाव के आगे ना झुकने का फैसला किया। इसी बैठक में तय किया गया कि शहबाज शरीफ सरकार अगस्त 2023 तक सत्ता में बनी रहेगी। मौजूदा नेशनल असेंबली का कार्यकाल तब तक है...
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों के ‘आजादी मार्च’ कार्यक्रम को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने राजधानी की सख्त किलेबंदी शुरू कर दी है। साथ ही इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों की देश भर में गिरफ्तारी की जा रही है। शहबाज शरीफ सरकार और सत्ताधारी गठबंधन ने इमरान खान की ये मांग सिरे से ठुकरा दी है कि नेशनल असेंबली को भंग कर तुरंत नए चुनाव का एलान किया जाए। सत्ताधारी गठबंधन ने दावा किया है कि वह मौजूदा नेशनल असेंबली के पूरे कार्यकाल तक सत्ता में रहेगा।
सोमवार रात तक इस्लामाबद में 22 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। संघीय गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने एक बयान में कहा कि अगर कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी की गई, तो कानून अपना काम करेगा। इसका यह मतलब लगाया गया है कि इमरान खान की भी गिरफ्तारी हो सकती है। सनाउल्लाह पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता हैँ। उन्होंने चेतावनी दी है कि राजधानी में भीड़ को नहीं घुसने दिया जाएगा, न ही ‘गुंडागर्दी’ की इजाजत दी जाएगी। सनाउल्लाह ने इमरान खान को लोकतंत्र की कब्र खोदने वाला व्यक्ति बताया है।
15 हजार आंसू गैस के गोले तैयार
अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक इस्लामाबाद में 15 हजार से ज्यादा आंसू गैस के गोले तैयार रखे गए हैं। बड़ी संख्या में महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की गई है। पंजाब प्रांत से खबर है कि वहां पीटीआई के नेता हम्माद अजहर के घर पर पुलिसकर्मियों ने घेरा डाल दिया है और उन्हें वहां से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। एक खबर के मुताबिक सरकार ने गिरफ्तारी के लिए पीटीआई के लगभग सात सौ नेताओँ की लिस्ट बनाई है।
बताया जाता है कि ‘आजादी मार्च’ का मुकाबला करने के मकसद से इस्लामाबाद में सोमवार को दिन भर सत्ताधारी नेताओं की बैठकें चलती रहीं। सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दलों की एक बैठक हुई, जिसमें सभी दलों ने दबाव के आगे ना झुकने का फैसला किया। इसी बैठक में तय किया गया कि शहबाज शरीफ सरकार अगस्त 2023 तक सत्ता में बनी रहेगी। मौजूदा नेशनल असेंबली का कार्यकाल तब तक है। संघीय सरकार की एक बैठक में आजादी मार्च से निपटने के तरीकों पर विचार किया गया। इसमें तय हुआ कि बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में अगली बैठक होगी, जिसमें ताजा हाल के मुताबिक जरूरी कदम उठाने संबंधी फैसले लिए जाएंगे।
चुनाव की तारीख के एलान तक रहेगा धरना
उधर पीटीआई के सूत्रों ने मीडिया को बताया है कि सरकार जो कदम उठा रही है, उन्हें नाकाम करने के लिए पार्टी ने कई तरीके सोचे हैं। उनमें से कुछ सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि लॉन्ग मार्च के रूप में इस्लामाबाद पहुंचे पीटीआई कार्यकर्ता वहीं डेरा डाल कर बैठक जाएंगे। वे वहां से तभी हटेंगे, जब चुनाव की तारीख का एलान हो जाएगा। इसके अलावा देश के प्रमुख राजमार्गों पर धरना देने की योजना भी बनाई गई है। खास कर ऐसा तब किया जाएगा, अगर सरकार इमरान खान को गिरफ्तार कर लेती है।
कुछ खबरों में बताया गया है कि पीटीआई की योजना यह है कि उसके समर्थक छिटपुट रूप से प्रधानमंत्री आवास तक पहुंच जाएंगे। अगर वे ऐसा कर पाए, तो ये लोग वहीं पर डेरा डाल कर बैठ जाएंगे। पीटीआई के समर्थक देश के अलग-अलग शहरों और कस्बों में टीवी स्क्रीन भी लगाने की तैयारी में हैं, जिन पर इस्लामाबाद के लाइव दृश्य दिखाए जाएंगे।