जानिए तानाशाह किम जोंग की मौत की अटकलों के बीच क्यों बहन पर टिकी हैं दुनिया की निगाहें
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संभावना है कि अगर 36 साल के किम जोंग उन की रहस्यमयी मौत होती है तो किम यो-जोंग ही उत्तर कोरिया की अगली तानाशाह बनेंगी। दुनियाभर के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो किम यो जोंग अपने भाई से भी ज्यादा निर्दयी साबित हो सकती हैं।
किम यो-जोंग की प्रारंभिक जीवन
साल 1988 में जन्मीं किम यो-जोंग नॉर्थ कोरिया के पूर्व तानाशाह किम जोंग-इल की पांचवीं और सबसे छोटी बेटी हैं। 9 साल की उम्र में वह अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के लिए स्विट्जरलैंड के बर्न शहर गईं, जहां वह अपने बड़े भाई किम जोंग-उन के साथ रहती थीं। साल 2002 में वह अपने देश लौट आईं और 2007 में उन्होंने प्योंगयांग के किम इल सुंग यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस की डिग्री हासिल की।
किम यो-जोंग का राजनीतिक सफर
पढ़ाई पूरा करने के बाद वह पिता की प्रमुख सहयोगी बनी। 2011 में अपने पिता की मौत तक उनकी प्रमुख सहयोगी बनी रहीं। इसके बाद से वह भाई किम जोंग उन की करीबी सहयोगी के रूप में बनी हुई हैं। पिछले काफी समय से वह किम जोंग उन के आसपास देखी जाती रही हैं। वह सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी की शक्तिशाली केंद्रीय समिति की उपाध्यक्ष भी हैं। सत्ताधारी पार्टी पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
क्यों है दुनिया की निगाहें किम यो-जोंग पर
पिछले महीने मार्च में नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर कार्यक्रम पर साउथ कोरिया ने आपत्ति जाहिर की थी। इसके बाद तानाशाह की 31 साल की बहन किम यो-जोंग साउथ कोरिया पर भड़की थीं और कहा था, 'डरे हुए कुत्ते भौंक रहे हैं।' इसके अलावा, वह दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने भाई की बैठकों के दौरान भी मौजूद थीं।
जानिए किम यो-जोंग क्यों है सत्ता की दावेदार
तानाशाह किम जोंग की मौत के बाद बहन को सत्ता की चाबी मिलने की ज्यादा संभावना इसलिए भी है क्योंकि वह अपने पिता के साथ-शाथ अपने भाई के साथ रहकर राजनीति करना बखूबी जान गईं हैं। इसके साथ-साथ वह विभिन्न महत्वपूर्ण सम्मेलनों में भाग लेते नजर आई हैं और इस वजह से वह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्यों को बेहतर तरीके से समझती हैं। इस देश में कभी कोई महिला नेता नहीं बनी है। उम्मीद की जा रही है कि किम यो जोंग अगली नेता हो सकती हैं।
किम यो-जोंग हथियारों की हैं शौकिन, खतरनाक हो सकती है साबित
किम यो जोंग को लेकर दुनियाभर के विशेषज्ञों का मानना है कि वह अपने भाई से भी ज्यादा खतरनाक और निर्दय हो सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि किम यो-जोंग को हथियारों से खेलने का शौक है। विशेषज्ञ प्रो नताशा लिंडस्टाट का मानना है कि किम यो-जोंग को तानाशाह के रूप में स्वीकार किए जाने पर वह कमजोर साबित होंगी। अगर वह भाई की मौत के बाद सत्ता में आती हैं तो वह किम इल-सुंग द्वारा 1948 में शुरू की गई देश की सत्ता पर परिवार की अटूट पकड़ को जारी रखेंगी।