US: 'भारत लौट जाओ...', H-1B वीजा विवाद के बीच रामास्वामी की सालगिरह वाली पोस्ट पर की गईं नस्लवादी टिप्पणियां
US: रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने अपनी पत्नी के साथ 10वीं सालगिरह पर प्यार भरा पोस्ट किया, लेकिन इसे नस्लवादी और प्रवासी विरोधी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। यह टिप्पणियां एच-1बी वीजा पर जारी बहस के बीच आई हैं।
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भारतीय मूल के उद्यमी और रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने हाल ही में अपनी पत्नी अपूर्वा के साथ शादी की 10वीं सालगिरह पर एक भावुक पोस्ट साझा की। हालांकि, उनकी यह जश्न वाली पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नस्लवादी और प्रवासी विरोधी टिप्पणियों का शिकार हो गई। यह टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
रामास्वामी ने अपनी पत्नी के साथ पहली डेट की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2011 में अपूर्वा से पहली बार मुलाकात की, जब वह एक होशियार मेडिकल स्टुडेंट थीं। पहली डेट पर उन्होंने साथ में एक साप्ताहांत बिताया था और रॉकी पर्वत में फ्लैटटॉप चोटी पर चढ़ाई की थी। विवेक ने दो तस्वीरें भी साझा कीं। इनमें एक तब की है जब वे पहली बार मिले थे और दूसरी हाल की सालगिरह के मौके की तस्वीर है।
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रामास्वामी ने अपने पोस्ट में क्या लिखा
विवेक रामास्वामी ने पोस्ट में लिखा, हम चोटी के बिलकुल करीब पहुंच गए थे, तभी तेज बर्फीला तूफान आ गया। मैं बेवकूफी में अब भी चढ़ाई पूरी करने की जिद कर रहा था, तभी अपूर्वा ने मेरा हाथ पकड़ा, मेरी आंखों में देखा और कहा - हमारे पास जिंदगी भर का वक्त है, हम फिर कभी लौटकर इसे पूरा कर सकते हैं। 14 साल और दो बच्चों के बाद, इस हफ्ते हम वहां दोबारा गए और अपनी 10वीं शादी की सालगिरह वहीं मनाई। अपने जीवनसाथी और अब तक की हमारी पूरी यात्रा के हर दिन के लिए मैं आभारी हूं।
In the fall of 2011, I met a brilliant medical student named Apoorva & asked her out on a first date - to head west for a weekend & hike Flattop Mountain in the Rockies. She accepted. We got within striking distance of the summit when a blizzard hit. I was foolishly stubborn… pic.twitter.com/pdV1joMUeg
— Vivek Ramaswamy (@VivekGRamaswamy) May 26, 2025
पोस्ट पर नस्लवादी और प्रवासी विरोधी टिप्पणियां
लेकिन यह प्यार भरी पोस्ट जल्द ही सोशल मीडिया पर नस्लवादी और प्रवासी विरोधी टिप्पणियों का शिकार हो गई। कई यूजर्स ने कहा कि भारत वापस चले जाओ। एक यूजर ने लिखा, हम चाहते हैं कि आप भारत वापस चले जाएं और वहां की पहाड़ियों की ट्रेकिंग करें। दूसरे ने तााना मारा, क्या आपके देश में पहाड़ नहीं हैं? तीसरे यूजर ने लिखा, आपको निर्वासित कर देना चाहिए। वहीं एक अन्य ने पूछा, आप दोनों की त्वचा 3-4 शेड हल्की कैसे दिख रही है? क्या आपने ब्लीच किया है?
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ट्रंप प्रशासन में एच-1बी वीजा पर बहस जारी
इन नफरत भरी टिप्पणियों से पता चलता है कि विवेक रामास्वामी का एच-1बी वीजा वाला विवाद अभी भी खत्म नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने खुलकर इस वीजा कार्यक्रम की आलोचना की है। लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि वह खुद भारतीय हैं, इसलिए इसी प्रणाली का लाभ उठाते हैं।
जब से डोनाल्ड ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं, तब से एच-1बी वीजा को लेकर बहस जारी है। खासकर यह बहस होती है कि इसका अमेरिकी नौकरियों पर क्या असर पड़ता है। कट्टरपंथी धड़ा मानता है कि एच-1बी वीजा वाले लोग अमेरिकियों की नौकरियां छीनते हैं और पश्चिमी सभ्यता के लिए खतरा हैं। लेकिन ट्रंप और उनके बड़े अधिकारी एच-1बी वीजा कार्यक्रम का समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका को काबिल लोगों की जरूरत है, ताकि दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोग अमेरिका में काम करें और तकनीकी, अनुसंधान और स्वास्थ्य देखभाल में अमेरिका सबसे आगे बना रहे।
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