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टीकाकरण: कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच 12-18 हफ्ते के अंतर को अमेरिकी डॉक्टर ने बताया सही

Fri, 14 May 2021 09:54 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Tanuja Yadav Updated Fri, 14 May 2021 09:54 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ.फाउची ने कहा कि भारत में ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक मिल जाए, इसके लिए कोविशील्ड की पहली और दूसरी खुराक के बीच 12-18 हफ्ते का अंतर जायज है।

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American Dr Anthony fauci between 1st and 2nd dose 12 to 18 week difference is reasonable approach
अमेरिकी विशेषज्ञ डॉ. फाउची - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सक सलाहकार डॉक्टर फाउची ने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक के बीच 12 से 18 हफ्ते के अंतर को जायज ठहराया है। एक इंटरव्यू में डॉ. फाउची ने कहा कि अगर वैक्सीन की कमी है और ज्यादा से ज्यादा से लोगों को वैक्सीन लगानी है तो यह तरीका जायज है।

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यही नहीं इसके अलावा अमेरिकी डॉक्टर ने कहा कि भारत को वैक्सीनेशन अभियान तेज करने के लिए दूसरे देशो और कंपनियों के साथ सहयोग करना चाहिए, ताकि देश की आबादी को जल्द से जल्द वैक्सीन लगाई जा सके। भारत को दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन उत्पादक बताते हुए डॉ. फाउची ने कहा कि भारत काफी बड़ा देश है, यहां 1.3 अरब जनसंख्या है और अभी तक केवल 10 फीसदी लोगों को ही कोरोना का टीका लगा है। इसलिए दूसरे देशों के साथ मिलकर भारत को काम करना होगा, ताकि वैक्सीनेशन उत्पादन को बढ़ाया जा सके। 
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न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू देते हुए डॉ. फाउची ने कहा कि भारत में संक्रमित मरीजों का ध्यान रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है। डॉ. फाउची ने कहा कि भारत को केवल विदेशों से ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलिंडर, पीपीईकिट, मास्क, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिलना ही काफी नहीं है। इसके अलावा भारत को इस बात पर जोर देना चाहिए कि कैसे नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन लगाई जाए। 

अमीर देशों को अक्षम देशों की मदद करनी चाहिए

उन्होंने कहा कि कोरोना का नया म्यूटेंट B1617 भारत के अलावा 40 अन्य देशों में पाया गया है, इसमें अमेरिका भी शामिल है। कोरोना काल के इस संकट में अमीर देशों की जिम्मेदारी बन जाती है कि वो अक्षम देशों की मदद करें। बता दें कि अगले हफ्ते से रूस की वैक्सीन स्पूतनिक वी को भी टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा। 




स्पूतनिक वी पर डॉ. फाउची ने रखी अपनी राय
वहीं स्पूतनिक वी की प्रभावकारित पर डॉ. फाउची ने कहा कि भारत बायोटेक की ओर से बनी कोवैक्सीन को लेकर मेरे पास कुछ ज्यादा सूचना नहीं है लेकिन स्पूतनिक वी ज्यादा असरदार है। स्पूतनिक वी कोरोना के खिलाफ 90 फीसदी प्रभावी है। हालांकि कोवैक्सीन पर उन्होंने कहा कि इस पर उनके पास ज्यादा जानकारी नहीं है। 

12-18 हफ्ते के अंतर को बताया जायज
इसके अलावा डॉ. फाउची ने यह भी कहा कि अगर वैक्सीन की कमी है तो टीके की पहली खुराक और दूसरी खुराक के बीच 12-18 हफ्ते का अंतर रखने का फैसला जायज है। ताकि कम से कम ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना की पहली खुराक तो लग जाए। डॉ. फाउची ने इस पर कहा कि आप दोनों डोज के बीच लंबा अंतर करते हैं तो इसकी संभावना काफी कम है कि यह टीका की प्रभावकारिता पर नकारात्मक असर डालेगा।

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