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यूनेस्को की ‘अमूर्त धरोहरों’ की सूची में जार्जिया की कुश्ती, जमैका का रेगे संगीत शामिल
भाषा, संयुक्त राष्ट्र
Updated Fri, 30 Nov 2018 02:40 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक एजेंसी यूनेस्को ने वैश्विक ‘अमूर्त धरोहरों’ की सूची में जिन छह नयी प्रथाओं को शामिल किया है उनमें जमैका की रेगे संगीत विधा, जार्जिया की कुश्ती और जापान राइहो-शिन प्रथाएं भी शामिल की गयी हैं। अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए अंतर-सरकारी समिति की बैठक मॉरीशस में एक दिसंबर को होगी जिसमें नयी विधाओं को शामिल करने की घोषणा की जाएगी।
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एशिया और यूरोप के बीच सीमा पर जार्जिया से इसमें चिदाओबा को शामिल किया गया है जो कुश्ती, संगीत, नृत्य और विशेष परिधानों का सामूहिक रूप है। यूनेस्को के अनुसार यह प्रथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देती है और अंतर-सांस्कृतिक संवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें आयरलैंड के मैदानी खेल हर्लिंग को भी शुमार किया गया है। 2000 साल पुराने इस खेल का वर्णन आयरलैंड की पौराणिक कथाओं में बहुत मिलता है।
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यूनेस्को ने कहा कि यह खेल आयरिश संस्कृति का अंतर्निहित भाग है और स्वास्थ्य, कुशलता, समावेशीकरण और दलीय भावना में अहम भूमिका निभाता है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने कहा कि बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी इस बात को जानकर खुश हैं कि जमैका की रेगे का भी नाम जोड़ा गया है। इसी तरह जापान बच्चों को अच्छा बर्ताव सिखाने वाली जापानी प्रथा राइहो-शिन आदि को भी शामिल किया गया है।
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