आखिर क्यों दुखी हैं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा?
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बराक ओबामा ने माना है कि अमेरिका में बंदूकों पर काबू न कर पाने का उन्हें गहरा मलाल है।
खास बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका एकमात्र ऐसा विकसित देश है जहां अक्सर गोलीबारी में लोगों के मारे जाने के बावजूद बंदूकों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त कानून नहीं हैं।
ओबामा ने कहा कि 11 सितंबर के हमलों के बाद से चरमपंथियों के हाथों 100 से भी कम अमेरिकी नागरिक मारे गए हैं लेकिन इस दौरान देश में सिरफिरे लोगों की गोलीबारी में कई गुना अधिक अमेरिकी
मारे गए हैं।
अमेरिका में सैंडी हुक स्कूल में 2012 में हुई गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति ओबामा ने बंदूकों पर नियंत्रण के लिए कड़े उपायों पर जोर दिया था लेकिन बंदूकों पर प्रतिबंध संबंधी विधेयक कांग्रेस में पारित नहीं
हो पाया।
राष्ट्रपति ओबामा का कहना है कि इस मुद्दे को हल न कर पाने की उन्हें पीड़ा है और वे 18 महीने के बचे हुए कार्यकाल में अपनी कोशिश जारी रखेंगे।
असर
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि ब्रिटेन अगर दुनिया भर में अपना असर बरकरार रखना चाहता है तो उसे यूरोपियन यूनियन का सदस्य बने रहना चाहिए।
ब्रिटेन की सरकार वर्ष 2017 में एक जनमत संग्रह कराने वाली है जिसमें तय किया जाएगा कि ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन का सदस्य बना रहेगा या नहीं।
एक इंटरव्यू में बराक ओबामा ने कहा कि ''यूरोपियन यूनियन ने दुनिया को सुरक्षित और संपन्न बनाया है।''
उन्होंने ब्रिटेन को अमेरिका का सबसे 'अच्छा साझीदार' बताते हुए प्रधानमंत्री डेविड केमरन की सराहना की।