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कोर्ट से उलझे ट्रंप, जज को ठहराया दोषी

Mon, 06 Feb 2017 08:30 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन Updated Mon, 06 Feb 2017 08:30 PM IST
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washington trump hit the court and told to judge is convict
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद संभाले एक माह भी नहीं हुआ है और वे अदालत से उलझने लगे हैं। ट्रंप प्रशासन के वकील शरणार्थियों पर लगे अस्थायी प्रतिबंध का बचाव करने के लिए कानूनी लड़ाई की रणनीति में जुट गए हैं।

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उधर, ट्रंप ने उनके कार्यकारी आदेश के खिलाफ फैसला सुनाने वाले जज पर देश को संकट में डालने का आरोप लगाकर अदालत से टकराने का मन बना लिया है। ट्रंप द्वारा जज पर लगाए गए आरोपों को भले ही कई लोगों की आलोचना का शिकार होना पड़ा हो लेकिन इसे ट्रंप प्रशासन द्वारा अदालत से टकराव की कार्रवाई माना जा रहा है।
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ट्रंप प्रशासन ने सात मुस्लिम देशों के नागरिकों को अमेरिकी सीमा में प्रवेश से रोकने के बचाव में कानूनी जंग लड़ने का फैसला लेकर निचली अदालत के फैसले को खत्म करने की ठान ली है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि - ‘मुझे भरोसा नहीं हो रहा है कि कोई न्यायाधीश हमारे देश को ऐसे खतरे में डालेगा। यदि कुछ होता है तो इसका दोष जज और कानून व्यवस्था को दिया जाएगा।’
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ट्रंप के इस बयान का मतलब भविष्य में अमेरिका के भीतर होने वाले आतंकी हमलों से था जिसके लिए उन्होंने जज व न्यायपालिका पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि - ‘प्रतिबंध को रोकने वाली अदालतें अमेरिकी सीमाओं को सुरक्षित करने में बाधा पहुंचा रही हैं।’

अमेरिका में आने वाले लोगों पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश

washington trump hit the court and told to judge is convict

उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने जरूर ट्रंप का बचाव किया है, लेकिन वकील और सांसदों ने कहा कि ट्रंप का बयान संविधान व्यवस्था में जांच और संतुलन की नीति के प्रति सम्मान की कमी दिखाता है। बहुसंख्यक नेता व सीनेटर मैककॉनेल ने कहा कि - ‘अच्छा होता यदि जजों पर कोई संकेत न दिया जाता।’

उन्होंने कहा कि - ‘समय समय पर हम सभी संघ के राज्य परेशान हैं। मैं सोचता हूं कि व्यक्तिगत रूप से जजों की आलोचना नहीं की जानी चाहिए।’ व्हाइट हाउस ट्रंप के इस सुझाव पर कोई प्रमाण नहीं दे पाया है कि जज के आदेश के कारण देश पर आतंकी हमला कैसे हो सकता है। वैसे भी 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिका में कोई भी व्यक्ति आतंकी हमले में नहीं मारा गया है।

राष्ट्रपति ने सीमा सुरक्षा अधिकारियों से अमेरिका में आने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। यद्यपि सात मुस्लिम देशों से अमेरिका आने वाले लोगों पर ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध पर अदालत की रोक अभी बरकरार है। इस बीच ट्रंप ने गृह सुरक्षा मंत्रालय से अमेरिका आने वाले लोगों की सावधानी पूर्वक जांच करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अदालतें इस काम को मुश्किल बना रही हैं। 

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