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ट्रंप ने टेके घुटने, बोले- चीन से 'ट्रेड वॉर' कई साल पहले हार चुके हैं

Thu, 05 Apr 2018 10:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 05 Apr 2018 10:16 AM IST
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US President donald trump says trade war with china was lost many years ago over Stupid leaders

दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियों के बीच ट्रेड वॉर गहराता जा रहा है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक टकाराव का सीधा असर वैश्विक आर्थिक सुधार पर पड़ सकता है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट कर अपने देश के पूर्व नेताओं पर तीखा हमला किया है।

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उन्होंने कहा कि अमेरिका चीन के साथ किसी भी तरह का ट्रेड वॉर नहीं लड़ रहा है क्योंकि उसको तो अमेरिका कई साल पहले अपने देश के बेवकूफ और बेकार नेताओं की वजह से हार चुका है। 
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा, हम चीन के साथ व्यापार युद्ध नहीं लड़ रहे हैं, उस युद्ध को तो कई साल पहले अमेरिका अपने बेवकूफ और बेकार लोगों की वजह से हार चुका है, जो अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। अब हमारा व्यापार घाटा 500 अरब डॉलर का है। हम इसे जारी नहीं रख सकते!' 
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बताते चलें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान उस वक्त आया है, जब दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियां ट्रेड वॉर के मुहाने पर खड़ी हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, मंगलवार को ट्रंप प्रशासन ने 50 अरब डॉलर मूल्य के ऐसे करीब 1,300 चीनी उत्पादों की सूची जारी की थी, जिन पर शुल्क लगाया जा सकता है। अमेरिका का चीन पर बौद्धिक संपदा और तकनीक की कथित चोरी का आरोप है।

वहीं इसके बाद चीन ने बुधवार को जवाबी कार्रवाई करते हुए 50 अरब डॉलर मूल्य के 106 आयातित जिंसों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है। इसके क्रियान्वयन की तारीख इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी सरकार चीनी उत्पादों पर कब शुल्क लगाती है। 


चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिका का यह कदम विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यह चीन के उन अधिकारों और हितों को साफ तौर पर नुकसान पहुंचाता है जो उसे डब्ल्यूटीओ के नियमों के तहत मिले हुए हैं। यह चीन के आर्थिक हितों और सुरक्षा के लिए भी खतरा है।

इससे प्रभावित उत्पादों में ज्यादातर सोयाबीन, मक्का, बीफ, संतरे का जूस और तंबाकू जैसे कृषि उत्पाद हैं। कई केमिकल और ऑटोमोबाइल उत्पाद भी इसके दायरे में आते हैं। इसके साथ ही 15 टन और 45 टन वजन के छोटे विमानों पर भी 25 फीसदी आयात शुल्क लगाया गया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन से 375 अरब डॉलर के व्यापार घाटे में करीब एक महीने में 100 अरब डॉलर की कमी लाने की मांग कर रहे हैं। 

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