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ट्रंप सरकार की नई वीजा पॉलिसी, कम पढ़े-लिखे भारतीय युवाओं के लिए बन सकती है रोड़ा
amarujala.com- presented by: मोहित
Updated Fri, 04 Aug 2017 09:31 AM IST
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अमेरिका में जाकर बसने का सपना देखने वाले भारतीयों के लिए बुरी खबर है। अमेरिकी सरकार उस बिल को वापस ला रही है जिससे मोटे तौर पर उच्च कुशल, शैक्षिक रूप वाले भारतीयों को फायदा मिलेगा। वहीं उन लोगों को इसका घाटा होगा जो कम पढ़े-लिखे हैं और निम्न कौशल के हैं।
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दरअसल वीजा के लिए लॉटरी सिस्टम को खत्म कर रिफॉर्मिंग अमेरिकन इमिग्रेशन फॉर स्ट्रांग एंप्लॉयमेंट ऐक्ट को लाया जा सकता है। अगर यह नया एक्ट अमेरिकी संसद में पास हो जाता है तो इससे उन भारतीय युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा नुकसान हो सकता है जो कम योग्य व सक्षम होंगे। ग्रीन कार्ड अब मेरिट के आधार पर आसानी से मिल सकता है।
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तो फिर खत्म हो जाएगा लॉटरी सिस्टम
ग्रीन कार्ड लेने के लिए अमेरिका अपना पुराने लॉटरी सिस्टम को खत्म कर देगा। मेरिट के लिए आवेदकों की अंग्रेजी पर पकड़, शिक्षा का स्तर, जॉब ऑफर और उम्र को ध्यान में रखा जाएगा।
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एक्ट के अनुसार, इस विधेयक के आने से गरीबी में कमी और सैलरी में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही टैक्सपेयर्स के करोड़ों डॉलर को सेव करने में मदद करेगा। ग्रीन कार्ड की मदद से विदेशियों को वहां पर स्थाई रुप से रहने का अधिकार, काम करने के लिए ऑथोराइजेशन और अमेरिकी नागिरक बनने के लिए दिया जाता है।
इस सिस्टम के साथ किसी अमेरिकी कर्मचारी के साथ भी भेदभाव नहीं हो पाएगा। नए एक्ट के लागू होने के बाद ऐसा नहीं हो पाएगा कि कोई भी अमेरिका में आकर के आसानी से पैसा कमाना शुरू कर देगा। अगर आपके पास स्किल है तभी आप लोग यहां पर काम कर सकते हैं।
H1B वीजा पर सख्त हुए थे ट्रंप
ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद H1B वीजा पर कड़ा रुख अपनाया था। इस कारण से प्रवासी लोगों को काफी फर्क पड़ा था। एच1बी के तहत साल करीब 65000 को लॉटरी सिस्टम के जरिए ऐसे वीजा जारी किए जाते हैं। आईटी कंपनियां इन प्रोफेशनल पर ज्यादा निर्भर होती है।