भारतीय फर्म पर यूएस कोर्ट ने लगाया एक लाख डॉलर का जुर्माना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पायरेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने को लेकर अमेरिका में एक भारतीय टेक्सटाइल फर्म को एक लाख डॉलर का हर्जाना भरना पड़ा है।
प्रतिभा सिंटेक्स नाम की इस कंपनी का मुख्यालय मध्य प्रदेश में स्थित है और यह वॉलमार्ट जैसी अमेरिकी कंपनियों को कपड़े निर्यात करती है।
लॉस एंजिलिस की उच्च अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने कंपनी को पायरेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने का दोषी पाया। अटॉर्नी कमला हैरिस ने बताया कि कंपनी के इस कृत्य से अमेरिकी कपड़ा कंपनियों को नुकसान हुआ।
कंपनी को हैरिस पहले भी कोर्ट ले जा चुके हैं
अदालत ने कंपनी को एक महीने के भीतर एक लाख डॉलर हर्जाने के तौर पर भरने का फैसला सुनाया है। इससे पहले भी हैरिस प्रतिभा सिंटेक्स को अदालत में घसीट चुके हैं।
तब उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया था कि कंपनी अपने व्यापार के लिए जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही है, उसके लिए उसने लाइसेंस फीस नहीं भरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने पायरेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर अवैध तरीके अमेरिकी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा लाभ कमाया।