{"_id":"592934c34f1c1beb4c535a4f","slug":"two-chinese-fighter-plane-intercept-us-plane-at-south-china-sea","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन के दो लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी विमान को बाधा पहुंचाई ","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
चीन के दो लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी विमान को बाधा पहुंचाई
amarujala.com- Presented by: sharad mishra
Updated Sat, 27 May 2017 01:52 PM IST
विज्ञापन
चीन के लड़ाकू विमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन के दो लड़ाकू विमानों ने अमेरिका की नौसेना की निगरानी करने वाले विमान को दक्षिण चीन सागर में बाधा पहुंचाई। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने यह जानकारी दी है। पेंटागन ने कहा कि एक सप्ताह में यह दूसरी बार है जब चीन के विमान ने इस तरह का उल्लंघन किया है। अधिकारी के अनुसार अमेरिकी पी-3 ओरियान निगरानी विमान दक्षिण चीन सागर में हांगकांग से 150 मील दूर इंटरनेशन एयरस्पेस में उड़ान में था। इस दौरान चीन के विमानों ने बाधा पहुंचाई। रक्षा अधिकारी ने कहा कि चीन का जे-10 लड़ाकू विमान अमेरिकी विमान से महज 200 यार्ड की दूरी में 100 फीट की उड़ान पर था।
दूसरा चीनी लड़ाकू विमान पी-3 के 750 यार्ड के दायरे में था। अधिकारियों ने इस तरह की उड़ानों पर और अधिक जानकारी देने से इनकार किया। नेवी कमांडर गैरी रॉस ने कहा कि अमेरिकी पी-3 विमान इंटरनेशनल स्पेस में उड़ रहा था। उन्होंने कहा कि अमेरिका इसे गंभीरता से लेते हुए इस पर चीन के अधिकारियों से बात करेगा।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण चीन सागर पर अधिकार को लेकर चीन और अमेरिका के बीच विवाद है। चीन को अपने क्षेत्र में अमेरिकी अतिक्रमण की आशंका है। अमेरिका ने हालांकि इस तरह के अतिक्रमण से इनकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरा चीनी लड़ाकू विमान पी-3 के 750 यार्ड के दायरे में था। अधिकारियों ने इस तरह की उड़ानों पर और अधिक जानकारी देने से इनकार किया। नेवी कमांडर गैरी रॉस ने कहा कि अमेरिकी पी-3 विमान इंटरनेशनल स्पेस में उड़ रहा था। उन्होंने कहा कि अमेरिका इसे गंभीरता से लेते हुए इस पर चीन के अधिकारियों से बात करेगा।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि दक्षिण चीन सागर पर अधिकार को लेकर चीन और अमेरिका के बीच विवाद है। चीन को अपने क्षेत्र में अमेरिकी अतिक्रमण की आशंका है। अमेरिका ने हालांकि इस तरह के अतिक्रमण से इनकार किया है।
विज्ञापन